
देश में इथेनॉल मिश्रित ईंधन को बढ़ावा देने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। E25 यानी 25 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल का मौजूदा वाहनों पर क्या असर पड़ेगा, इसका अध्ययन अब ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI) करेगी। सरकार चाहती है कि इस ईंधन के इस्तेमाल से इंजन, माइलेज और वाहन की कार्यक्षमता पर पड़ने वाले प्रभावों का वैज्ञानिक मूल्यांकन किया जाए।
विशेषज्ञों का मानना है कि अधिक इथेनॉल मिश्रण वाले ईंधन से प्रदूषण कम करने और पेट्रोल पर निर्भरता घटाने में मदद मिल सकती है। हालांकि पुराने वाहनों के इंजन और फ्यूल सिस्टम पर इसका असर अलग-अलग हो सकता है। इसी वजह से सरकार पहले विस्तृत अध्ययन कराना चाहती है ताकि भविष्य में ईंधन नीति को बेहतर तरीके से लागू किया जा सके।
ARAI की रिपोर्ट के आधार पर यह तय किया जाएगा कि मौजूदा पेट्रोल वाहनों को E25 ईंधन के लिए किस स्तर तक अनुकूल बनाया जा सकता है। ऑटो कंपनियां भी इस अध्ययन पर नजर बनाए हुए हैं, क्योंकि इससे आने वाले समय में वाहन निर्माण और इंजन तकनीक में बदलाव देखने को मिल सकते हैं।



