कॉपर बनेगा नया गोल्ड? एक्सपर्ट्स ने जताई बड़ी तेजी की उम्मीद

वैश्विक कमोडिटी बाजार में इन दिनों कॉपर को लेकर काफी चर्चा हो रही है। कई विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले 1 से 2 वर्षों में कॉपर की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखने को मिल सकती है और यह धातु निवेशकों के लिए “नया गोल्ड” साबित हो सकती है। कमोडिटी बाजार के जानकार अजय केडिया सहित कई विशेषज्ञों का कहना है कि कॉपर में एक नई सुपरसाइकिल बनने के संकेत दिखाई दे रहे हैं, जो लंबी अवधि तक कीमतों को सहारा दे सकती है।
कॉपर की मांग लगातार बढ़ रही है, जिसका सबसे बड़ा कारण ग्रीन एनर्जी, इलेक्ट्रिक वाहन (EV), सोलर पैनल, बैटरी स्टोरेज और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएं हैं। ऊर्जा परिवर्तन (Energy Transition) की वैश्विक दौड़ में कॉपर की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इलेक्ट्रिक वाहनों में पारंपरिक वाहनों की तुलना में कई गुना अधिक कॉपर का उपयोग होता है, जिससे इसकी मांग तेजी से बढ़ने की संभावना है।
दूसरी ओर, कॉपर उत्पादन की रफ्तार मांग के मुकाबले धीमी मानी जा रही है। नई खदानों के विकास में समय लगना, उत्पादन लागत बढ़ना और कुछ प्रमुख उत्पादक देशों में आपूर्ति संबंधी चुनौतियां भी बाजार में सप्लाई को प्रभावित कर रही हैं। ऐसे में मांग और आपूर्ति के बीच बढ़ता अंतर कॉपर की कीमतों को ऊपर ले जा सकता है। यही वजह है कि कई बाजार विशेषज्ञ इसे दीर्घकालिक तेजी का संकेत मान रहे हैं।
अजय केडिया का मानना है कि यदि वैश्विक आर्थिक गतिविधियां मजबूत रहती हैं और ग्रीन एनर्जी सेक्टर में निवेश बढ़ता है, तो कॉपर आने वाले वर्षों में नए रिकॉर्ड स्तरों को छू सकता है। हालांकि निवेशकों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि कमोडिटी बाजार में उतार-चढ़ाव सामान्य बात है और किसी भी निवेश से पहले जोखिम तथा बाजार की परिस्थितियों का आकलन करना जरूरी है। विशेषज्ञों के अनुसार, कॉपर पर नजर बनाए रखना आने वाले समय में निवेशकों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है क्योंकि यह धातु वैश्विक आर्थिक बदलावों का प्रमुख लाभार्थी बनकर उभर रही है।



