Rishabh Pant की उपकप्तानी छिनने पर Gautam Gambhir ने तोड़ी चुप्पी, बोले- मैं नहीं चाहता कि वह बदले

Rishabh Pant को भारतीय टेस्ट टीम की उपकप्तानी से हटाए जाने के बाद इस फैसले को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। अब मुख्य कोच Gautam Gambhir ने इस मुद्दे पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए साफ कहा है कि वह नहीं चाहते कि ऋषभ पंत अपने स्वाभाविक खेल में कोई बदलाव करें। गंभीर के अनुसार पंत की आक्रामक बल्लेबाजी ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है और टीम प्रबंधन उनकी इसी विशेषता को बनाए रखना चाहता है।
हालांकि गंभीर ने यह भी स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में केवल आक्रामकता ही पर्याप्त नहीं होती। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को मैच की परिस्थितियों को समझते हुए खेलना चाहिए और यह पहचानना जरूरी है कि किसी विशेष समय पर टीम को किस तरह की बल्लेबाजी की आवश्यकता है। उनके मुताबिक महान खिलाड़ी वही होते हैं जो अपने स्वाभाविक खेल को बरकरार रखते हुए स्थिति के अनुसार खुद को ढाल लेते हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार गंभीर ने पंत से एक वरिष्ठ खिलाड़ी के रूप में उनकी भूमिका को लेकर भी चर्चा की। टीम प्रबंधन का मानना है कि नेतृत्व का प्रभाव केवल पद से नहीं आता, बल्कि ड्रेसिंग रूम में व्यवहार, अनुभव और टीम के प्रति जिम्मेदारी से भी आता है। यही वजह है कि उपकप्तानी का पद नहीं होने के बावजूद पंत को टीम के प्रमुख नेताओं में से एक माना जा रहा है।
भारत-अफगानिस्तान सीरीज से पहले आए इस बयान को पंत के लिए समर्थन के रूप में देखा जा रहा है। टीम प्रबंधन का संदेश साफ है कि पंत पर भरोसा कायम है और उनसे उम्मीद की जा रही है कि वह अपनी प्रतिभा का पूरा उपयोग करते हुए टीम की जरूरतों के अनुसार प्रदर्शन करें।



