खनन से उत्तराखंड को रिकॉर्ड राजस्व, सरकार की झोली में आए करोड़ों रुपये

उत्तराखंड में खनन क्षेत्र राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए मजबूत आधार बनकर उभरा है। खनन विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार सरकार को इस वित्तीय अवधि में रिकॉर्ड राजस्व प्राप्त हुआ है। राजस्व संग्रह में हुई इस बढ़ोतरी को बेहतर निगरानी, पारदर्शी नीलामी प्रक्रिया और अवैध खनन पर सख्ती का परिणाम माना जा रहा है।
सरकारी अधिकारियों का कहना है कि खनिज संसाधनों के वैज्ञानिक और नियोजित दोहन से न केवल राजस्व बढ़ा है, बल्कि विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त संसाधन भी उपलब्ध हुए हैं। राज्य सरकार ने खनन गतिविधियों की निगरानी के लिए तकनीक आधारित व्यवस्थाओं को भी मजबूत किया है, जिससे राजस्व रिसाव को रोकने में मदद मिली है।
खनन से प्राप्त आय का उपयोग सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में किया जा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पर्यावरणीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए खनन गतिविधियों का संचालन किया जाए तो यह राज्य के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।
वहीं सरकार का कहना है कि अवैध खनन के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रहेगी और राजस्व बढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए संबंधित विभागों को नियमित निरीक्षण और निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
राजस्व में हुई रिकॉर्ड वृद्धि को राज्य सरकार अपनी बड़ी उपलब्धि मान रही है। आने वाले समय में खनन क्षेत्र में और सुधारों तथा नई नीतियों के जरिए आय बढ़ाने के प्रयास जारी रहने की संभावना है, जिससे राज्य की आर्थिक स्थिति को और मजबूती मिल सके।



