नैनीताल में तेज बारिश से बढ़ी मुसीबत, सीवर की गंदगी से मैली हुई नैनी झील

उत्तराखंड के प्रमुख पर्यटन स्थल नैनीताल में लगातार हो रही बारिश ने नई परेशानी खड़ी कर दी है। शहर की पहचान मानी जाने वाली नैनी झील में हजारों लीटर सीवर का गंदा पानी मिलने की खबरों से स्थानीय लोगों और पर्यावरण प्रेमियों की चिंता बढ़ गई है। बारिश के कारण कई स्थानों पर सीवर लाइनें ओवरफ्लो हो रही हैं, जिससे गंदा पानी सीधे झील तक पहुंच रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो झील की जल गुणवत्ता पर गंभीर असर पड़ सकता है। इससे न केवल जलीय जीवों और पारिस्थितिकी तंत्र को नुकसान होगा, बल्कि नैनीताल की पर्यटन छवि पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। बरसात के मौसम में झील में बढ़ता प्रदूषण प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि भारी बारिश के दौरान शहर के कुछ हिस्सों में सीवरेज व्यवस्था जवाब दे देती है, जिसके चलते गंदा पानी नालों के माध्यम से झील में पहुंच जाता है। लोगों ने झील की नियमित सफाई, सीवर नेटवर्क के आधुनिकीकरण और जल गुणवत्ता की निगरानी बढ़ाने की मांग की है।
वहीं प्रशासन का कहना है कि प्रभावित क्षेत्रों की पहचान कर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। सीवर लाइनों की मरम्मत, ओवरफ्लो रोकने और झील की सफाई के लिए संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों का दावा है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित किया जा सके।
नैनी झील केवल एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि नैनीताल की सांस्कृतिक और पर्यावरणीय पहचान का भी प्रतीक है। ऐसे में झील को प्रदूषण से बचाने के लिए प्रशासन, स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों सभी की साझा जिम्मेदारी मानी जा रही है।



