Crude Oil Export: होर्मुज खुलते ही 11 ईरानी टैंकर रवाना, भारत के लिए राहत की खबर

होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव कम होने और समुद्री मार्ग खुलने के साथ ही ईरान ने कच्चे तेल के निर्यात को तेज कर दिया है। रिपोर्टों के अनुसार, 11 ईरानी तेल टैंकर करीब 2 करोड़ बैरल क्रूड ऑयल लेकर अंतरराष्ट्रीय बाजारों की ओर रवाना हुए हैं। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता बनी हुई थी। टैंकरों की आवाजाही शुरू होने से तेल आपूर्ति बाधित होने की आशंकाएं कम हुई हैं और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों पर दबाव घट सकता है।
भारत, जो अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल आयात करता है, इस घटनाक्रम का बड़ा लाभार्थी माना जा रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक है और भारत के तेल आयात का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से आता है। यदि इस मार्ग पर किसी प्रकार की रुकावट आती है तो भारत की ऊर्जा लागत और आयात बिल पर सीधा असर पड़ सकता है। ऐसे में ईरानी टैंकरों का सुरक्षित रूप से रवाना होना भारत की ऊर्जा सुरक्षा और आपूर्ति श्रृंखला के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि क्षेत्र में तनाव और नहीं बढ़ता है तथा तेल आपूर्ति सामान्य बनी रहती है, तो कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता देखने को मिल सकती है। इससे भारत में महंगाई नियंत्रण, ईंधन कीमतों और चालू खाते के घाटे पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। सरकार पहले से ही रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार, आपूर्ति स्रोतों के विविधीकरण और दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा योजनाओं पर काम कर रही है। ऐसे में होर्मुज मार्ग के सुचारु संचालन को भारत की रणनीतिक और आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।



