
भारत ने एक बार फिर पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा है कि जब तक सीमा पार आतंकवाद पर प्रभावी और विश्वसनीय कार्रवाई नहीं होती, तब तक सिंधु जल संधि से जुड़े किसी भी मुद्दे पर सामान्य प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकती। भारत का कहना है कि आतंकवाद और बातचीत एक साथ नहीं चल सकते तथा द्विपक्षीय संबंधों में विश्वास बहाली के लिए आतंकवाद पर ठोस कदम उठाना आवश्यक है।
वहीं, तीस्ता नदी के जल बंटवारे के मुद्दे पर भी भारत ने बांग्लादेश के सामने अपना रुख साफ किया है। सरकार का कहना है कि इस विषय पर किसी भी निर्णय में सभी संबंधित पक्षों के हितों, कानूनी प्रक्रियाओं और आपसी सहमति का पूरा ध्यान रखा जाएगा। भारत ने दोहराया कि पड़ोसी देशों के साथ सहयोग उसकी प्राथमिकता है, लेकिन राष्ट्रीय हित, सुरक्षा और राज्यों से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर संतुलित एवं व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाया जाएगा। इस घटनाक्रम को क्षेत्रीय कूटनीति और जल संसाधन प्रबंधन के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।



