
भारतीय नौसेना की ताकत को नई ऊंचाई देने की दिशा में जापान की अत्याधुनिक ‘यूनिकॉर्न’ स्टील्थ टेक्नोलॉजी चर्चा में है। माना जा रहा है कि इस उन्नत सिस्टम के इस्तेमाल से भारतीय युद्धपोतों की रडार पर पहचान करना दुश्मन के लिए पहले से कहीं अधिक कठिन हो जाएगा। स्टील्थ तकनीक का उद्देश्य युद्धपोतों की रडार, इन्फ्रारेड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सिग्नेचर को कम करना होता है, जिससे वे समुद्र में अधिक सुरक्षित और प्रभावी तरीके से मिशन को अंजाम दे सकें।
रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, यदि यह तकनीक भारतीय नौसेना के बेड़े में शामिल होती है, तो समुद्री सुरक्षा, निगरानी और सामरिक अभियानों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। आधुनिक स्टील्थ सिस्टम युद्धपोतों की जीवित रहने की क्षमता (Survivability) बढ़ाने के साथ-साथ दुश्मन की निगरानी और टारगेटिंग प्रणाली को भी चुनौती देता है। भारत और जापान के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग के तहत इस तरह की उन्नत तकनीकों का आदान-प्रदान हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सामरिक संतुलन और समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।



