
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए GSLV-F17 रॉकेट से EOS-05 सैटेलाइट का सफल प्रक्षेपण किया। इस सफलता पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ISRO के वैज्ञानिकों और पूरी टीम को बधाई दी। पीएम मोदी ने इसे भारत के लिए गर्व का पल बताते हुए देश के अंतरिक्ष क्षेत्र की बढ़ती तकनीकी क्षमता और नवाचार की सराहना की।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में कहा कि EOS-05 को लेकर GSLV-F17 का सफल लॉन्च ISRO की एक और शानदार उपलब्धि है। उन्होंने इस मिशन को भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र में उत्कृष्टता, इनोवेशन और लगातार बढ़ती क्षमताओं का प्रमाण बताया।
इस मिशन की सबसे खास बात EOS-05 का जियोसिंक्रोनस ऑर्बिट से पृथ्वी का इमेजिंग सैटेलाइट होना है। यह भारत का इस तरह का पहला उपग्रह है। जियोसिंक्रोनस ऑर्बिट से पृथ्वी के बड़े हिस्से की लगातार और अधिक नियमित निगरानी संभव होती है, जिससे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में उपयोगी डेटा मिल सकता है।
EOS-05 से मिलने वाली तस्वीरें और डेटा कृषि, मौसम, पर्यावरण, आपदा प्रबंधन और रणनीतिक निगरानी जैसे क्षेत्रों में उपयोगी हो सकते हैं। खास तौर पर बाढ़, चक्रवात और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के दौरान किसी क्षेत्र की लगातार निगरानी राहत एवं बचाव की योजना बनाने में मदद कर सकती है।
GSLV-F17 ने 4 सितंबर 2026 को श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से उड़ान भरी। मिशन के सफल होने के बाद EOS-05 को निर्धारित ट्रांसफर ऑर्बिट में स्थापित किया गया, जहां से वह अपनी अंतिम जियोसिंक्रोनस कक्षा की ओर आगे बढ़ेगा।
इस मिशन का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि इससे भारत की हाई-फ्रीक्वेंसी अर्थ ऑब्जर्वेशन क्षमता को मजबूती मिलने की उम्मीद है। किसी एक क्षेत्र को कम अंतराल पर देखने की क्षमता से जमीन पर होने वाले बदलावों की निगरानी अधिक प्रभावी ढंग से की जा सकती है।
EOS-05 मिशन में ISRO और भारतीय उद्योग के बीच बढ़ते सहयोग को भी रेखांकित किया गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने अंतरिक्ष क्षेत्र में सरकारी संस्थानों और निजी उद्योग के बीच मजबूत होती साझेदारी को भारत की बढ़ती अंतरिक्ष क्षमता का अहम हिस्सा बताया।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी EOS-05 के सफल प्रक्षेपण पर ISRO को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह मिशन भारत की पृथ्वी अवलोकन क्षमता को मजबूत करता है और देश के अंतरिक्ष कार्यक्रम की बढ़ती तकनीकी परिपक्वता को दर्शाता है।
कुल मिलाकर, GSLV-F17 से EOS-05 का सफल प्रक्षेपण भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। प्रधानमंत्री मोदी की ओर से वैज्ञानिकों को मिली बधाई ने इस सफलता के राष्ट्रीय महत्व को और रेखांकित किया है। यह मिशन पृथ्वी अवलोकन और अंतरिक्ष आधारित निगरानी के क्षेत्र में भारत की क्षमताओं को नई मजबूती देने वाला कदम माना जा रहा है।



