
गोवा की राजधानी पणजी में सोमवार को पश्चिमी क्षेत्रीय परिषद की 28वीं बैठक आयोजित की जाएगी। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह बैठक की अध्यक्षता करेंगे। बैठक का आयोजन गृह मंत्रालय के अंतरराज्यीय परिषद सचिवालय की ओर से किया जा रहा है और इसकी मेजबानी गोवा सरकार कर रही है।
पश्चिमी क्षेत्रीय परिषद में गोवा, गुजरात और महाराष्ट्र के अलावा केंद्र शासित प्रदेश दादरा एवं नगर हवेली तथा दमन एवं दीव शामिल हैं। परिषद की बैठक में इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
बैठक में राज्यों के बीच सहयोग बढ़ाने, अंतरराज्यीय मुद्दों के समाधान और क्षेत्रीय विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा होने की उम्मीद है। क्षेत्रीय परिषदें केंद्र और राज्यों के बीच संवाद तथा समन्वय का महत्वपूर्ण मंच मानी जाती हैं।
पश्चिमी क्षेत्रीय परिषद के अध्यक्ष केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह हैं, जबकि गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत इसके उपाध्यक्ष हैं। उपाध्यक्ष का पद सदस्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों के बीच वार्षिक आधार पर बदलता रहता है।
बैठक में संबंधित राज्यों के मुख्यमंत्री और वरिष्ठ मंत्री भी हिस्सा लेंगे। इसके अलावा केंद्र सरकार, राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में मौजूद रहेंगे। इससे विभिन्न स्तरों पर लंबित मुद्दों पर सीधे संवाद का अवसर मिलेगा।
पश्चिमी क्षेत्रीय परिषद की स्थायी समिति में मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी शामिल होते हैं। राज्यों की ओर से प्रस्तावित मुद्दों पर पहले स्थायी समिति में चर्चा की जाती है। जिन विषयों का समाधान वहां नहीं हो पाता, उन्हें परिषद की बैठक में विचार के लिए रखा जाता है।
क्षेत्रीय परिषदों की स्थापना राज्यों के पुनर्गठन अधिनियम, 1956 की धाराओं 15 से 22 के तहत की गई थी। इन परिषदों का उद्देश्य राज्यों और केंद्र के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना तथा क्षेत्रीय स्तर पर साझा समस्याओं के समाधान का रास्ता तैयार करना है।
पश्चिमी क्षेत्रीय परिषद की बैठक को सहकारी संघवाद के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। परिषद के माध्यम से सदस्य राज्य एक-दूसरे के साथ विचार साझा करते हैं और ऐसे विषयों पर चर्चा करते हैं जिनका प्रभाव एक से अधिक राज्यों या केंद्र और राज्यों पर पड़ता है।
गृह मंत्रालय के अनुसार क्षेत्रीय परिषदें आपसी विवादों और मतभेदों के समाधान के साथ-साथ क्षेत्र से जुड़े विकास कार्यों को आगे बढ़ाने का मंच उपलब्ध कराती हैं। इन बैठकों में व्यापक राष्ट्रीय महत्व के कुछ मुद्दों पर भी चर्चा की जाती है।
पणजी में होने वाली 28वीं बैठक में पश्चिमी क्षेत्र के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश के बीच समन्वय को और मजबूत करने पर जोर रहने की उम्मीद है। अमित शाह की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक से अंतरराज्यीय सहयोग और क्षेत्रीय विकास से जुड़े कई विषयों पर आगे की दिशा तय हो सकती है।



