
रूस के सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस इगोर क्रासनोव शुक्रवार को नई दिल्ली पहुंचे। भारत पहुंचने पर उनका जोरदार स्वागत किया गया। क्रासनोव भारत में आयोजित हो रहे BRICS Chief Justices’ Forum 2026 में हिस्सा लेने आए हैं। यह फोरम 4 से 6 सितंबर तक नई दिल्ली में आयोजित किया जा रहा है और इसकी मेजबानी भारत का सुप्रीम कोर्ट कर रहा है।
इस महत्वपूर्ण न्यायिक मंच में BRICS सदस्य देशों के साथ-साथ साझेदार देशों के मुख्य न्यायाधीश, सुप्रीम कोर्ट के अध्यक्ष और वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं। रूस के अलावा चीन, मिस्र, इंडोनेशिया, ईरान, दक्षिण अफ्रीका, यूएई और अन्य देशों के न्यायिक प्रतिनिधि भी इसमें शामिल हैं।
फोरम के उद्घाटन दिवस पर भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने विभिन्न देशों के न्यायिक प्रमुखों के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं। इनमें रूस के चीफ जस्टिस इगोर क्रासनोव के साथ बातचीत भी शामिल रही। इन बैठकों का उद्देश्य न्यायिक सहयोग बढ़ाना और दोनों देशों की न्याय प्रणालियों से जुड़े साझा मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करना है।
BRICS Chief Justices’ Forum में इस बार न्याय व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी। इनमें मध्यस्थता और अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक विवाद, सीमा पार मध्यस्थता पुरस्कारों का प्रवर्तन, न्यायपालिका में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल और न्यायिक नेतृत्व के जरिए सतत विकास जैसे विषय प्रमुख हैं।
भारत की ओर से फोरम का आयोजन ऐसे समय किया जा रहा है, जब वैश्विक स्तर पर अंतरराष्ट्रीय व्यापार और निवेश से जुड़े विवादों को तेजी से सुलझाने की जरूरत बढ़ रही है। इस संदर्भ में मध्यस्थता और आर्बिट्रेशन के लिए साझा व्यवस्था विकसित करने पर भी चर्चा महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
CJI सूर्यकांत ने BRICS देशों के बीच अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक विवादों के समाधान के लिए Arbitration और Mediation का साझा प्लेटफॉर्म बनाने का प्रस्ताव भी रखा है। इसका उद्देश्य अलग-अलग देशों की न्यायिक व्यवस्थाओं के बीच सहयोग को बढ़ाना और सीमा पार विवादों के समाधान को अधिक प्रभावी बनाना है।
फोरम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और न्यायपालिका का भविष्य भी महत्वपूर्ण चर्चा का विषय रहेगा। दुनिया की न्याय प्रणालियां डिजिटल तकनीक और AI का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा रही हैं। ऐसे में अलग-अलग देशों के अनुभव साझा करने से न्यायिक प्रशासन में तकनीक के बेहतर उपयोग की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।
रूस के चीफ जस्टिस की भारत यात्रा दोनों देशों के न्यायिक संबंधों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। BRICS जैसे बहुपक्षीय मंच के माध्यम से भारत और रूस की न्यायपालिकाओं के बीच संवाद को और मजबूत करने का अवसर मिलेगा।
फोरम में न्यायिक अधिकारियों के बीच अनुभवों और सर्वोत्तम प्रक्रियाओं का आदान-प्रदान भी होगा। इससे न्याय वितरण प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर न्यायिक सहयोग को बढ़ावा देने में मदद मिल सकती है।
कुल मिलाकर, रूस के चीफ जस्टिस इगोर क्रासनोव का भारत आगमन और BRICS Chief Justices’ Forum में उनकी भागीदारी भारत-रूस न्यायिक सहयोग के लिए महत्वपूर्ण अवसर है। तीन दिवसीय यह मंच BRICS और साझेदार देशों की न्यायपालिकाओं को साझा चुनौतियों पर संवाद और सहयोग का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान कर रहा है।



