भारत के EV बाजार में यूपी की हिस्सेदारी 18%, 30% तक पहुंचने का लक्ष्य

उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रिक वाहन (EV) के क्षेत्र में तेजी से अपनी पहचान बना रहा है। देश के इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में प्रदेश की हिस्सेदारी बढ़कर 18 प्रतिशत तक पहुंच गई है। राज्य सरकार अब इस हिस्सेदारी को बढ़ाकर 30 प्रतिशत तक ले जाने की दिशा में काम कर रही है। इसके लिए ईवी नीति, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार और निवेश को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए चार्जिंग स्टेशन नेटवर्क विकसित करने, ईवी निर्माण इकाइयों को प्रोत्साहन देने और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने की योजनाएं लागू की जा रही हैं। बढ़ती पेट्रोल-डीजल कीमतों और प्रदूषण की चुनौती के बीच इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग लगातार बढ़ रही है। दोपहिया, तिपहिया और चार पहिया इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में भी लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है।
सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण और उपयोग के प्रमुख केंद्रों में शामिल करना है। इसके लिए ऑटोमोबाइल कंपनियों को निवेश के लिए आकर्षित करने, रोजगार के नए अवसर पैदा करने और हरित परिवहन को बढ़ावा देने पर ध्यान दिया जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, बेहतर बुनियादी ढांचे और मजबूत नीतियों के साथ यूपी आने वाले वर्षों में देश के EV सेक्टर में बड़ी भूमिका निभा सकता है।



