देहरादून का मोइला टॉप-बुधेर ट्रैकिंग रूट बंद, वन विभाग के फैसले से ग्रामीणों में नाराजगी

उत्तराखंड के देहरादून जिले के चकराता क्षेत्र का प्रसिद्ध मोइला टॉप-बुधेर ट्रैकिंग रूट अब पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है। वन विभाग के इस फैसले के बाद स्थानीय ग्रामीणों और पर्यटन से जुड़े लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है।
मोइला टॉप, बुधेर गुफाओं और आसपास के प्राकृतिक इलाकों को देखने के लिए हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। यह क्षेत्र देवदार के जंगलों, खूबसूरत पहाड़ी नजारों और ट्रैकिंग के लिए जाना जाता है।
वन विभाग की ओर से रूट बंद किए जाने का कारण सुरक्षा और वन क्षेत्र से जुड़े नियमों को बताया जा रहा है। विभाग का उद्देश्य पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को प्राथमिकता देना है।
वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि इस फैसले से स्थानीय रोजगार प्रभावित होगा। ट्रैकिंग गाइड, होमस्टे संचालक, छोटे दुकानदार और अन्य लोग पर्यटकों की आवाजाही पर निर्भर रहते हैं। उनका कहना है कि रूट बंद करने से पहले स्थानीय लोगों से बातचीत की जानी चाहिए थी।
पर्यटन विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे प्राकृतिक स्थलों पर पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन गतिविधियों के बीच संतुलन बनाना जरूरी है। नियंत्रित और सुरक्षित तरीके से ट्रैकिंग गतिविधियां जारी रखने के विकल्पों पर विचार किया जा सकता है।
फिलहाल मोइला टॉप-बुधेर ट्रैकिंग रूट को लेकर स्थानीय लोगों और वन विभाग के बीच सहमति बनाने की कोशिशों पर नजर है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन उनकी आजीविका से जुड़े पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कोई समाधान निकालेगा।



