चमोली में तमक नाला उफना, पुल बहा; BRO कर्मचारी लापता

उत्तराखंड के चमोली जिले में भारी बारिश ने एक बार फिर मुश्किलें बढ़ा दी हैं। नीती घाटी में अतिवृष्टि के कारण तमक नाला अचानक उफान पर आ गया, जिसके तेज बहाव में बैली ब्रिज बह गया। यह पुल नीती घाटी को चीन सीमा से जुड़े इलाकों और सीमांत गांवों से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण कड़ी था।
पुल के बहने से क्षेत्र में आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई है। रिपोर्ट के अनुसार नीती घाटी के 12 से अधिक गांवों के साथ सेना और ITBP की चौकियों तक संपर्क भी प्रभावित हुआ है। प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए राहत और बचाव दलों को घटनास्थल की ओर रवाना किया है।
पुल के पास काम कर रहा BRO कर्मचारी लापता
बैली ब्रिज के समीप काम कर रहा सीमा सड़क संगठन (BRO) का एक कर्मचारी तेज बहाव की चपेट में आने के बाद लापता बताया जा रहा है। प्रशासन की ओर से उसकी तलाश के लिए बचाव अभियान शुरू किया गया है।
तमक नाला दूसरी बार आया उफान पर
बताया गया है कि सोमवार सुबह तेज बारिश के बाद तमक नाला पहली बार उफान पर आया था। बाद में पानी का स्तर कुछ कम हुआ और पुल से मलबा हटाकर आवाजाही बहाल करने की कोशिश की जा रही थी। शाम के समय नाला दोबारा अचानक उफान पर आया और इस बार तेज बहाव पुल को अपने साथ बहा ले गया।
नीती घाटी का संपर्क हुआ प्रभावित
पुल टूटने के कारण सीमांत क्षेत्र के कई गांवों का संपर्क बाधित हुआ है। सेना और ITBP की चौकियों तक आवाजाही भी प्रभावित होने की सूचना है। प्रशासन का प्रयास है कि क्षेत्र में जल्द से जल्द वैकल्पिक संपर्क व्यवस्था बहाल की जाए।
NDRF-SDRF की टीमें रवाना
घटना की सूचना मिलते ही SDRF और NDRF की टीमों को मौके के लिए रवाना किया गया। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और गधेरों के आसपास जाने से बचने की अपील की है। भारी बारिश के बीच ऊपरी इलाकों में जलस्तर अचानक बढ़ने की आशंका बनी हुई है।
चमोली की यह घटना पहाड़ी इलाकों में मानसून के दौरान अचानक आने वाले सैलाब और अतिवृष्टि के खतरे को फिर सामने लाती है। प्रशासन और बचाव एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और लापता कर्मचारी की तलाश के साथ प्रभावित इलाकों में संपर्क बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं।



