
मोदी सरकार ने GenZ यानी युवा पीढ़ी से सीधा संवाद बढ़ाने के लिए एक नई पहल की तैयारी की है। प्रस्तावित ‘One Day, One University’ कार्यक्रम के तहत केंद्रीय मंत्री अलग-अलग विश्वविद्यालयों में जाकर छात्रों से बातचीत करेंगे और उनकी चिंताओं, विचारों तथा देश से जुड़े मुद्दों पर उनकी राय जानेंगे।
इस पहल का उद्देश्य सरकार और युवाओं के बीच संवाद को मजबूत करना है। विश्वविद्यालयों में मंत्रियों की मौजूदगी के दौरान छात्रों से सीधे बातचीत की जाएगी। साथ ही युवाओं के लिए चल रही सरकारी योजनाओं और नीतियों की जानकारी भी साझा की जाएगी।
सरकार की यह रणनीति ऐसे दौर में सामने आई है जब युवा वर्ग सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए अपनी राय तेजी से व्यक्त करता है। विश्वविद्यालयों में सीधे संवाद के जरिए सरकार छात्रों की प्राथमिकताओं और भविष्य को लेकर उनकी चिंताओं को बेहतर तरीके से समझने की कोशिश कर सकती है।
रिपोर्ट के अनुसार केंद्रीय मंत्रियों को इस अभियान के तहत विश्वविद्यालयों का दौरा करने की जिम्मेदारी दी गई है। कार्यक्रम के समन्वय का काम शिक्षा मंत्रालय और युवा मामलों एवं खेल मंत्रालय से जुड़े मंत्रियों को सौंपे जाने की जानकारी सामने आई है।
इस पहल में छात्रों के साथ बातचीत के दौरान रोजगार, शिक्षा, कौशल विकास, टेक्नोलॉजी और देश से जुड़े दूसरे अहम मुद्दों पर विचार लिए जा सकते हैं। इससे सरकार को युवा वर्ग की अपेक्षाओं और चुनौतियों को सीधे समझने का अवसर मिलेगा।
कुल मिलाकर ‘One Day, One University’ पहल सरकार के युवा-केंद्रित संवाद को बढ़ाने की कोशिश के तौर पर देखी जा रही है। अगर यह कार्यक्रम व्यापक स्तर पर लागू होता है, तो केंद्रीय मंत्रियों और विश्वविद्यालयों के छात्रों के बीच सीधा संवाद बढ़ सकता है और युवाओं की राय नीति-निर्माण की चर्चाओं तक पहुंचाने का एक नया माध्यम बन सकता है।



