यूपी में कुपोषण पर बड़ी कामयाबी, बच्चों में नाटेपन की दर 46% से घटकर 31.5%

बच्चों में कुपोषण लंबे समय तक स्वास्थ्य और शारीरिक विकास को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में उत्तर प्रदेश में पोषण सुधार के लिए अपनाए गए THR मॉडल से सामने आए आंकड़े महत्वपूर्ण हैं। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक बच्चों में stunting की दर में करीब 14.5 प्रतिशत अंक की कमी आई है।
क्या है THR मॉडल?
THR यानी Take Home Ration के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों से पात्र बच्चों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को पोषणयुक्त राशन उपलब्ध कराया जाता है। इसका उद्देश्य केवल आंगनबाड़ी केंद्र पर भोजन उपलब्ध कराने के बजाय परिवार तक पोषण सामग्री पहुंचाना है।
नाटेपन की दर में आया बड़ा सुधार
रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश में बच्चों में stunting की दर पहले 46% थी, जो अब घटकर 31.5% रह गई है। यह कमी इस बात का संकेत देती है कि नियमित पोषण सहायता और लक्षित हस्तक्षेप बच्चों के विकास से जुड़े परिणामों में सुधार ला सकते हैं।
हालांकि, 31.5% का स्तर अभी भी चुनौतीपूर्ण है। इसलिए इसे अंतिम उपलब्धि के बजाय कुपोषण के खिलाफ अभियान में महत्वपूर्ण प्रगति के रूप में देखना ज्यादा उचित होगा।
स्थानीय स्तर पर तैयार होता है पोषण आहार
THR मॉडल की एक खासियत पोषण सामग्री की स्थानीय स्तर पर तैयारी और आपूर्ति है। इससे लाभार्थियों तक राशन पहुंचाने की व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित बनाने और स्थानीय महिलाओं के समूहों को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने में मदद मिल सकती है।
क्यों महत्वपूर्ण है बच्चों का stunting कम होना?
Stunting का संबंध बच्चे की उम्र के हिसाब से अपेक्षित लंबाई से कम होने से है। यह लंबे समय तक पर्याप्त पोषण न मिलने और बार-बार होने वाले संक्रमण जैसी समस्याओं से जुड़ा हो सकता है।
बचपन में बेहतर पोषण से:
- शारीरिक विकास को समर्थन मिलता है।
- सीखने और संज्ञानात्मक विकास के लिए बेहतर आधार बनता है।
- संक्रमण और बीमारी के जोखिम से निपटने की क्षमता बेहतर हो सकती है।
- आगे चलकर स्वस्थ वयस्क जीवन की नींव मजबूत होती है।
आगे की चुनौती क्या है?
31.5% तक पहुंचने के बाद भी यूपी को stunting और दूसरे forms of malnutrition को और कम करने के लिए नियमित निगरानी, पोषण की गुणवत्ता, स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाओं और परिवारों में पोषण संबंधी जागरूकता पर समान रूप से ध्यान देना होगा।
निष्कर्ष: उत्तर प्रदेश में बच्चों के stunting की दर का 46% से 31.5% तक आना कुपोषण के खिलाफ एक महत्वपूर्ण सुधार है। THR मॉडल ने पोषण सामग्री को लक्षित लाभार्थियों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है। अब चुनौती इस प्रगति को बनाए रखने और 31.5% के स्तर को और नीचे लाने की है।



