
चेन्नई के पास परंदूर में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का प्रोजेक्ट आखिरकार रद कर दिया गया है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने विधानसभा में इसकी घोषणा करते हुए कहा कि परंदूर में एयरपोर्ट बनने से कृषि भूमि और किसानों की आजीविका प्रभावित होगी। परियोजना के खिलाफ स्थानीय ग्रामीणों और किसानों का लंबे समय से विरोध चल रहा था।
परंदूर को चेन्नई के दूसरे एयरपोर्ट के लिए इसलिए चुना गया था क्योंकि यह प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों और चेन्नई-बेंगलुरु कॉरिडोर के करीब है। प्रस्तावित परियोजना को बड़े स्तर पर विकसित करने की योजना थी और इसके लिए हजारों एकड़ भूमि का अधिग्रहण प्रस्तावित था। परियोजना को केंद्र से जरूरी मंजूरियां भी मिल चुकी थीं और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी थी।
हालांकि, परियोजना के खिलाफ स्थानीय स्तर पर लगातार आंदोलन होते रहे। किसानों की मुख्य चिंता जमीन जाने, खेती प्रभावित होने और जल निकायों पर संभावित असर को लेकर थी। ऐसे में मुख्यमंत्री विजय ने चुनावी वादे और स्थानीय विरोध के बीच परंदूर परियोजना को आगे न बढ़ाने का फैसला लिया।
अब सरकार चेन्नई के दूसरे एयरपोर्ट के लिए ऐसी वैकल्पिक जगह तलाशेगी, जहां कृषि भूमि और स्थानीय आबादी पर कम असर पड़े। साथ ही मौजूदा चेन्नई एयरपोर्ट की क्षमता बढ़ाने की योजना भी सामने आई है। ऐसे में परंदूर का प्रोजेक्ट भले रद हो गया हो, लेकिन चेन्नई की बढ़ती विमानन जरूरतों को पूरा करने की कवायद जारी रहेगी।
इस फैसले को जहां किसान और पर्यावरण के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, वहीं उद्योग जगत के सामने अब दूसरा एयरपोर्ट जल्द विकसित करने की चुनौती है। नई साइट की तलाश, भूमि अधिग्रहण और जरूरी मंजूरियों की प्रक्रिया दोबारा शुरू होने से परियोजना में देरी की आशंका भी जताई जा रही है।



