परंदूर एयरपोर्ट रद करने पर स्टालिन का विजय पर हमला

चेन्नई के पास परंदूर में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजना को रद करने के फैसले को लेकर तमिलनाडु की राजनीति गरमा गई है। डीएमके अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के फैसले की आलोचना करते हुए इसे राज्य के विकास के लिए बड़ा झटका बताया। स्टालिन का कहना है कि परियोजना के लिए जरूरी मंजूरियां और शुरुआती तैयारियां पहले ही पूरी हो चुकी थीं।
स्टालिन ने दावा किया कि चेन्नई जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर के लिए दूसरा एयरपोर्ट भविष्य की जरूरत है। उनके मुताबिक, परंदूर परियोजना को कई विकल्पों का अध्ययन करने के बाद चुना गया था और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी काफी आगे बढ़ चुकी थी। ऐसे में परियोजना को रद कर नई जगह तलाशने से विकास की गति कई साल पीछे जा सकती है।
डीएमके नेता ने यह भी आरोप लगाया कि एयरपोर्ट परियोजना रद करने का फैसला राजनीतिक सोच से प्रभावित है। उन्होंने कहा कि राज्य के हितों को छोटी राजनीतिक सोच के लिए दांव पर नहीं लगाया जा सकता। वहीं, मुख्यमंत्री विजय की सरकार का तर्क है कि स्थानीय समुदायों और पर्यावरण की कीमत पर किसी बड़े प्रोजेक्ट को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा।
परंदूर एयरपोर्ट परियोजना को लेकर स्थानीय स्तर पर लंबे समय से विरोध भी चल रहा था। प्रभावित ग्रामीणों और किसानों की ओर से जमीन, आजीविका और जल निकायों पर असर की चिंता जताई जाती रही है। परियोजना रद होने के बाद कुछ प्रभावित गांवों के लोगों ने मुख्यमंत्री विजय के फैसले का स्वागत भी किया है।
अब चेन्नई के दूसरे एयरपोर्ट के लिए वैकल्पिक जगह तलाशने की चुनौती सरकार के सामने है। ऐसे में आने वाले समय में विकास बनाम पर्यावरण और स्थानीय हितों का मुद्दा तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा विषय बना रह सकता है।



