8th Pay Commission: OPS बहाली पर बढ़ा कानूनी पेंच, जानें अपडेट

8वें वेतन आयोग को लेकर कर्मचारी और पेंशनभोगी संगठनों की मांगों पर चर्चा जारी है। इसी बीच पुरानी पेंशन योजना यानी OPS को दोबारा लागू करने की मांग भी प्रमुख मुद्दों में बनी हुई है। हालिया बैठकों में कर्मचारी संगठनों ने पेंशन से जुड़े कई प्रस्ताव आयोग के सामने रखे हैं।
OPS बहाली का मुद्दा केवल वेतन और पेंशन बढ़ाने तक सीमित नहीं है। इसके साथ NPS के तहत आने वाले कर्मचारियों, पेंशन देनदारी और सरकार पर पड़ने वाले वित्तीय भार जैसे पहलू भी जुड़े हैं। इसी वजह से OPS को लेकर किसी भी फैसले में वित्तीय और कानूनी पहलुओं पर विचार महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कर्मचारी संगठनों की ओर से अलग-अलग वर्गों को OPS का लाभ देने की मांग भी उठाई जा रही है। हाल ही में NC-JCM ने उन कर्मचारियों को OPS के दायरे में लाने की मांग की है, जिनकी भर्ती उन पदों के लिए हुई थी जिनकी रिक्तियां दिसंबर 2003 से पहले स्वीकृत हुई थीं।
वहीं, 8वें वेतन आयोग की प्रक्रिया के दौरान पेंशनभोगियों की पुरानी मांगें भी सामने आ रही हैं। कुछ संगठनों ने आयोग के Terms of Reference में बदलाव कर 1 जनवरी 2026 से पहले रिटायर हुए कर्मचारियों की पेंशन संशोधन को स्पष्ट रूप से शामिल करने की मांग की है।
ऐसे में OPS बहाली को लेकर कर्मचारियों की उम्मीदें जरूर बढ़ी हैं, लेकिन इसे लेकर अभी किसी अंतिम फैसले की घोषणा नहीं हुई है। आने वाली बैठकों और सरकार के रुख से यह स्पष्ट होगा कि पुरानी पेंशन योजना की मांग पर आगे क्या कदम उठाया जाता है।



