आधार से हट गया गार्जियन का नाम? जानें UIDAI का HoF नियम

UIDAI ने आधार के एड्रेस फॉर्मेट में C/O यानी Care of विकल्प को हटाया है। पहले पते में पिता, पति या अभिभावक का नाम C/O के साथ दिखाई दे सकता था। इस बदलाव का अर्थ यह नहीं है कि आधार कार्डधारक का पारिवारिक रिश्ता खत्म हो गया है या आधार नंबर अमान्य हो गया है। यह मुख्य रूप से पते में जानकारी दर्ज करने और दिखाने के तरीके से जुड़ा बदलाव है।
क्या आधार में पिता या पति का नाम दोबारा जुड़ सकता है?
पात्र मामलों में परिवार के मुखिया यानी Head of Family (HoF) आधारित एड्रेस अपडेट का विकल्प इस्तेमाल किया जा सकता है। इस सुविधा के तहत परिवार का कोई पात्र सदस्य अपनी सहमति से दूसरे सदस्य को अपने पते के आधार पर आधार एड्रेस अपडेट करने में मदद कर सकता है। हालांकि, HoF प्रक्रिया का उद्देश्य पते को अपडेट करना है; इसे आधार के नाम वाले फील्ड में किसी रिश्तेदार का नाम जोड़ने की गारंटी नहीं समझना चाहिए।
HoF यानी Head of Family क्या है?
HoF का पूरा नाम Head of Family है, जिसका अर्थ परिवार का मुखिया है। UIDAI की इस सुविधा का उपयोग खासतौर पर ऐसे लोग कर सकते हैं, जिनके पास अपने नाम का वैध पते का प्रमाण नहीं है, लेकिन वे परिवार के उस सदस्य के साथ रहते हैं जिसके पास पते का प्रमाण उपलब्ध है। HoF की सहमति और निर्धारित सत्यापन के बाद संबंधित सदस्य अपना आधार पता अपडेट करने का अनुरोध कर सकता है।
आधार कार्ड का पता ऑनलाइन अपडेट कैसे करें?
आधार का पता अपडेट करने के लिए UIDAI के आधिकारिक पोर्टल या Aadhaar App का इस्तेमाल किया जा सकता है। प्रक्रिया में सेवा के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है।
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UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट myaadhaar.uidai.gov.in या Aadhaar App खोलें।
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अपने आधार से संबंधित लॉगिन और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करें।
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Address Update या Family Member/HoF आधारित एड्रेस अपडेट का विकल्प चुनें।
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परिवार के पात्र सदस्य का आधार नंबर और मांगी गई संबंध संबंधी जानकारी दर्ज करें।
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जरूरी सत्यापन पूरा करें और अनुरोध जमा करें।
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HoF को अनुरोध भेजे जाने पर उनसे निर्धारित समय में सहमति या मंजूरी दिलवाएं।
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मिले हुए SRN यानी Service Request Number को सुरक्षित रखें, ताकि अनुरोध का स्टेटस देखा जा सके।
HoF आधारित अपडेट के लिए कौन से दस्तावेज चाहिए?
आवश्यक दस्तावेज इस बात पर निर्भर करते हैं कि आप किस प्रकार का अपडेट कर रहे हैं और कौन-सा संबंध दर्ज करना चाहते हैं। UIDAI की प्रक्रिया में संबंध का प्रमाण यानी Proof of Relationship (PoR) मांगा जा सकता है। आधिकारिक दिशानिर्देशों के अनुसार, ऐसे दस्तावेज में आवेदक और परिवार के मुखिया का नाम होना चाहिए। कुछ निर्धारित परिस्थितियों में UIDAI द्वारा स्वीकार किया गया स्व-घोषणा पत्र भी विकल्प हो सकता है। आवेदन करने से पहले पोर्टल पर उपलब्ध दस्तावेजों की सूची जरूर जांचें।
आधार एड्रेस अपडेट करने की फीस कितनी है?
आधार अपडेट की फीस इस्तेमाल की जाने वाली सेवा और माध्यम पर निर्भर कर सकती है। UIDAI की आधिकारिक Aadhaar App FAQ में अपने दस्तावेजों या HoF के आधार पर एड्रेस अपडेट के लिए ₹75 शुल्क बताया गया है। भुगतान करने से पहले ऐप या आधिकारिक पोर्टल पर दिखाई गई मौजूदा फीस की पुष्टि करें और किसी अनधिकृत वेबसाइट पर भुगतान न करें।
HoF की मंजूरी नहीं मिली तो क्या होगा?
HoF आधारित प्रक्रिया में परिवार के मुखिया की सहमति महत्वपूर्ण है। UIDAI की 2023 में जारी सुविधा संबंधी जानकारी के अनुसार, HoF को अनुरोध स्वीकार या अस्वीकार करने के लिए 30 दिनों का समय दिया जाता था। यदि अनुरोध स्वीकार नहीं किया जाता या तय अवधि में जवाब नहीं मिलता, तो अनुरोध बंद हो सकता है। मौजूदा आवेदन में लागू समय-सीमा और शर्तें पोर्टल पर जांच लें।
आधार अपडेट से जुड़ी समस्या होने पर कहां संपर्क करें?
यदि एड्रेस अपडेट का अनुरोध अटक जाता है या नियमों को लेकर कोई भ्रम है, तो UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी देखें। जरूरत पड़ने पर UIDAI हेल्पलाइन 1947 पर संपर्क किया जा सकता है। आधार संबंधी जानकारी और दस्तावेज केवल आधिकारिक पोर्टल या अधिकृत केंद्र पर ही साझा करें।
निष्कर्ष: आधार में C/O विकल्प हटने को परिवार के रिश्ते का रिकॉर्ड पूरी तरह हट जाना नहीं समझना चाहिए। HoF आधारित एड्रेस अपडेट उन पात्र लोगों के लिए उपयोगी सुविधा है, जिन्हें अपने नाम के पते के प्रमाण के बिना परिवार के पते पर आधार अपडेट कराना है। आवेदन से पहले UIDAI के मौजूदा नियम, पात्रता, दस्तावेज और फीस की पुष्टि जरूर करें।



