देहरादून में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन, मानदेय बढ़ाने और 10 लाख रुपये की मांग

देहरादून में सोमवार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री आवास कूच किया। गांधी पार्क से शुरू हुआ जुलूस हाथीबड़कला चौक पहुंचा, जहां पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच नोकझोंक हुई। इसके बाद महिलाएं सड़क पर ही धरने पर बैठ गईं और अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए।
मानदेय 24 हजार रुपये करने की मांग
आंगनबाड़ी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा की प्रमुख मांग है कि कार्यकर्ताओं का मासिक मानदेय बढ़ाकर 24 हजार रुपये किया जाए। संगठन का कहना है कि कार्यकर्ता बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा सहित कई जिम्मेदारियां निभाती हैं। इसके बावजूद उन्हें उनकी मेहनत के अनुरूप पारिश्रमिक नहीं मिल रहा है।
सेवानिवृत्ति पर 10 लाख रुपये और पेंशन की मांग
प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं ने 60 वर्ष की आयु पूरी होने पर सेवानिवृत्ति के दौरान 10 लाख रुपये की एकमुश्त आर्थिक सहायता और नियमित मासिक पेंशन देने की मांग भी उठाई। उनका कहना है कि वर्तमान व्यवस्था में सेवा समाप्त होने के बाद सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक सेवानिवृत्ति लाभ की कमी रहती है।
ऑनलाइन और ऑफलाइन कार्यों का बहिष्कार
संगठन के अनुसार, मांगों को लेकर 19 अक्टूबर से प्रदेशभर के आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण ट्रैकर और बीएलओ सहित ऑनलाइन कार्यों का बहिष्कार किया जा रहा है। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
9 नवंबर को घोषणा का आश्वासन
प्रदर्शन के दौरान संगठन के प्रतिनिधिमंडल की शासन स्तर पर वार्ता हुई। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रतिनिधियों को आश्वासन दिया गया कि 9 नवंबर को मुख्यमंत्री की ओर से मांगों के संबंध में घोषणा की जाएगी। हालांकि, कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया है कि केवल आश्वासन पर्याप्त नहीं है और वे ठोस निर्णय तथा आदेश जारी होने तक आंदोलन जारी रखेंगी।
मुख्य मांगें:
-
मानदेय बढ़ाकर 24,000 रुपये प्रतिमाह किया जाए।
-
सेवानिवृत्ति पर 10 लाख रुपये की एकमुश्त सहायता मिले।
-
नियमित मासिक पेंशन और सामाजिक सुरक्षा दी जाए।
-
कार्यकर्ताओं को उचित संसाधन और प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए।
- लंबित मांगों पर सरकार उच्चस्तरीय वार्ता कर ठोस निर्णय ले।



