यूपी-हरियाणा में EPFO नियमों पर असर, मिनिमम वेज बढ़ने से वर्कर्स प्रभावित?

मिनिमम वेज में संभावित बढ़ोतरी के बाद उत्तर प्रदेश और हरियाणा जैसे राज्यों में कई वर्कर्स के कर्मचारी भविष्य निधि संगठन Employees’ Provident Fund Organisation के दायरे से बाहर होने की आशंका जताई जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि वेतन संरचना में बदलाव से औपचारिक और अनौपचारिक क्षेत्र के बीच नई चुनौतियां पैदा हो सकती हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, यदि न्यूनतम वेतन सीमा में बड़ा बदलाव होता है तो कुछ कंपनियां लागत बढ़ने के कारण कर्मचारियों की श्रेणी और संरचना में बदलाव कर सकती हैं। इससे कई श्रमिक सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से बाहर हो सकते हैं, जो एक चिंताजनक स्थिति मानी जा रही है।
श्रम विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार को ऐसी नीतियां बनानी होंगी जिससे वेतन सुधार के साथ-साथ कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा भी प्रभावित न हो। इस मुद्दे पर आने वाले समय में नीति स्तर पर चर्चा तेज होने की संभावना है।



