लखनऊ में डबल डेकर बस में आग, 30 यात्री सुरक्षित

लखनऊ के शहीद पथ पर रविवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक चलती डबल डेकर बस में अचानक भीषण आग लग गई। बस गोरखपुर से गुजरात की ओर जा रही थी और मेदांता अस्पताल के सामने पहुंचने के दौरान यह घटना हुई।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बस के टायर में आग लगने के बाद देखते ही देखते लपटें तेज हो गईं। आग लगने की सूचना मिलते ही बस को रोका गया और यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू की गई।
बस में करीब 30 यात्री सवार बताए गए हैं। समय रहते सभी यात्रियों को बस से बाहर निकाल लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। घटना में किसी यात्री के हताहत होने की सूचना नहीं है।
बस में आग लगने की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। दमकल की गाड़ियों ने आग बुझाने का काम शुरू किया और काफी प्रयास के बाद आग पर काबू पाया गया।
आग की लपटें देखकर शहीद पथ पर कुछ समय के लिए लोगों में दहशत का माहौल बन गया। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी। राहत एवं बचाव टीमों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए यात्रियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
हादसे के बाद बस को सड़क किनारे कराया गया और घटना के कारणों की जांच शुरू की गई। प्रारंभिक रिपोर्टों में टायर फटने या उसमें आग लगने को घटना की वजह बताया गया है, हालांकि वास्तविक कारण जांच के बाद स्पष्ट होगा।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं। अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लिया और यह सुनिश्चित किया कि आग के कारण आसपास मौजूद अन्य वाहनों या लोगों को किसी तरह का नुकसान न पहुंचे।
राहत की बात यह रही कि आग लगने के बावजूद बस में सवार सभी यात्री सुरक्षित बाहर निकल आए। इससे लखनऊ में पहले हुए बस अग्निकांडों की भयावह घटनाओं के बीच इस हादसे में बड़ा नुकसान टल गया।
घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। चलती बसों में अग्नि सुरक्षा उपकरण, टायरों की नियमित जांच और आपात स्थिति में यात्रियों को सुरक्षित निकालने की व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण है।
शहीद पथ पर डबल डेकर बस में आग लगने की घटना ने एक बार फिर सार्वजनिक परिवहन वाहनों में सुरक्षा मानकों की जरूरत को सामने ला दिया है। फिलहाल सभी यात्रियों के सुरक्षित होने से प्रशासन और यात्रियों ने राहत की सांस ली है।



