
भारतीय सेना की मारक क्षमता को और अधिक मजबूत करते हुए 7वीं पिनाका रेजिमेंट को औपचारिक रूप से शामिल कर लिया गया है। यह कदम भारत की रक्षा रणनीति में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है, क्योंकि पिनाका मल्टीपल लॉन्च रॉकेट सिस्टम अपनी तेज और सटीक मारक क्षमता के लिए जाना जाता है। इस अत्याधुनिक प्रणाली की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह महज 44 सेकंड में 72 रॉकेट दागने में सक्षम है, जिससे दुश्मन के ठिकानों को बेहद कम समय में भारी नुकसान पहुंचाया जा सकता है। पिनाका सिस्टम पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से विकसित किया गया है, जो ‘मेक इन इंडिया’ पहल को भी मजबूती देता है। इसकी रेंज और सटीकता इसे पारंपरिक आर्टिलरी सिस्टम से कहीं अधिक प्रभावी बनाती है। यह सिस्टम दुश्मन के एयर डिफेंस, बंकर, सैन्य ठिकानों और अन्य रणनीतिक लक्ष्यों को नष्ट करने में सक्षम है। खास बात यह है कि पिनाका रेजिमेंट को तेजी से तैनात किया जा सकता है और यह किसी भी युद्ध क्षेत्र में तुरंत कार्रवाई के लिए तैयार रहती है। 7वीं रेजिमेंट के शामिल होने से सेना की फायरपावर में बड़ा इजाफा हुआ है, खासकर सीमावर्ती क्षेत्रों में जहां त्वरित और सटीक कार्रवाई की जरूरत होती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सिस्टम भारत की रक्षा क्षमता को न केवल मजबूत करता है, बल्कि दुश्मनों के लिए एक मजबूत संदेश भी देता है कि भारत अब हर चुनौती का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। भविष्य में पिनाका के और उन्नत संस्करण भी सेना में शामिल किए जाने की योजना है, जिससे इसकी मारक क्षमता और रेंज को और बढ़ाया जा सकेगा। कुल मिलाकर, 7वीं पिनाका रेजिमेंट का शामिल होना भारतीय सेना के आधुनिकीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो देश की सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाएगा।



