
देश के सबसे चर्चित राजनीतिक और रक्षा सौदों से जुड़े बोफोर्स घोटाले मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने इस मामले से जुड़ी आखिरी अपील को खारिज कर दिया, जिसके बाद करीब 40 साल से चल रही कानूनी लड़ाई का अंत हो गया।
बोफोर्स मामला 1980 के दशक में स्वीडन की कंपनी से तोपों की खरीद में कथित अनियमितताओं और रिश्वत के आरोपों को लेकर चर्चा में आया था। इस मामले ने उस समय देश की राजनीति में बड़ा विवाद खड़ा कर दिया था।
सालों तक चली जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद यह मामला कई स्तरों पर अदालतों में पहुंचा। समय-समय पर इसकी जांच और अदालती कार्यवाही को लेकर राजनीतिक बहस भी होती रही।
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद बोफोर्स मामले से जुड़ी लंबित आखिरी अपील पर भी विराम लग गया है। अदालत के निर्णय के साथ इस पुराने मामले की न्यायिक यात्रा समाप्त मानी जा रही है।
बोफोर्स घोटाला भारतीय राजनीतिक इतिहास के उन मामलों में शामिल रहा है, जिसने रक्षा सौदों में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर लंबे समय तक राष्ट्रीय बहस को प्रभावित किया।



