
अफगानिस्तान एक बार फिर बड़ी प्राकृतिक आपदा से जूझ रहा है। बीते 12 घंटों में यहां कई बार भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए, जिनकी तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि हजारों घर पलभर में मलबे में तब्दील हो गए। अब तक की रिपोर्ट्स के अनुसार, इस भूकंप त्रासदी में करीब 2200 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि हजारों लोग घायल बताए जा रहे हैं। राहत और बचाव कार्य जारी हैं, लेकिन भारी तबाही के कारण स्थिति बेहद भयावह बनी हुई है।
भूकंप का केंद्र हेरात प्रांत के पास बताया जा रहा है। लगातार आने वाले झटकों ने लोगों में दहशत फैला दी। रातभर लोग खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर रहे, क्योंकि हर कोई इस डर से सहमा हुआ था कि कहीं इमारतें गिर न जाएं। हेरात और उसके आसपास के जिलों में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। यहां की कई बस्तियां पूरी तरह से जमींदोज हो चुकी हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, भूकंप की तीव्रता 6.3 के आसपास दर्ज की गई थी, लेकिन बार-बार आए आफ्टरशॉक्स ने हालात को और भी बिगाड़ दिया। जिन इलाकों में भूकंप ने सबसे ज्यादा कहर ढाया है, वहां राहत सामग्री और चिकित्सा सुविधाओं की भारी कमी है। अस्पतालों में घायल मरीजों की लंबी कतारें लगी हैं, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में फंसे लोगों तक मदद पहुंचाने में कठिनाइयां आ रही हैं।
अफगानिस्तान की सरकार ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मदद की अपील की है। संयुक्त राष्ट्र और कई अन्य देशों ने भी सहायता भेजने का ऐलान किया है। खाद्य सामग्री, दवाइयां, टेंट और बचावकर्मी प्रभावित इलाकों में भेजे जा रहे हैं, लेकिन दुर्गम रास्तों और लगातार झटकों के कारण राहत कार्य सुचारू रूप से नहीं हो पा रहे।
विशेषज्ञों का कहना है कि अफगानिस्तान भूकंपीय दृष्टि से बेहद संवेदनशील इलाका है, जहां पहले भी कई बार ऐसे भूकंप आ चुके हैं। हाल ही में आए इस भूकंप ने एक बार फिर यहां की नाजुक स्थिति और संसाधनों की कमी को उजागर कर दिया है।
लोगों का कहना है कि उन्होंने इतनी भयावह रात पहले कभी नहीं देखी। लगातार झटकों ने उन्हें ऐसा महसूस कराया मानो धरती कभी भी फट जाएगी। कई परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है और पूरी बस्तियां मातम में डूबी हुई हैं।
फिलहाल राहत-बचाव टीमें मलबा हटाने और जीवित लोगों को निकालने में जुटी हुई हैं। हालांकि, मौतों का आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है, क्योंकि कई लोग अब भी मलबे के नीचे दबे हुए हैं। यह आपदा अफगानिस्तान के लिए एक बड़ा मानवीय संकट बनकर सामने आई है, जिसे संभालने में लंबे समय लग सकते हैं।



