
जयपुर को तकनीकी मानचित्र पर नई ऊंचाई देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। केंद्रीय रेल, संचार, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्वनी वैष्णव ने घोषणा की है कि जयपुर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का एक बड़ा डाटा सेंटर स्थापित किया जाएगा। यह डाटा सेंटर न केवल डिजिटल इंडिया मिशन को मजबूती देगा, बल्कि राजस्थान को उभरते तकनीकी राज्यों की श्रेणी में भी शामिल करेगा। इस परियोजना के तहत लगभग पांच हजार युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, क्लाउड कंप्यूटिंग, डाटा एनालिटिक्स और साइबर सिक्योरिटी जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। मंत्री अश्वनी वैष्णव ने कहा कि आने वाला समय AI और डिजिटल टेक्नोलॉजी का है, ऐसे में युवाओं को भविष्य के लिए तैयार करना सरकार की प्राथमिकता है। जयपुर में बनने वाला यह डाटा सेंटर स्टार्टअप्स, रिसर्च संस्थानों और आईटी कंपनियों के लिए एक मजबूत इकोसिस्टम तैयार करेगा, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। इस पहल से स्थानीय युवाओं को महानगरों की ओर पलायन किए बिना अपने ही राज्य में उच्च गुणवत्ता वाला तकनीकी प्रशिक्षण और रोजगार मिल सकेगा। साथ ही, यह डाटा सेंटर सरकारी सेवाओं को स्मार्ट बनाने, ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देने और उद्योगों को डिजिटल समाधान उपलब्ध कराने में भी अहम भूमिका निभाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस परियोजना से जयपुर की पहचान केवल पर्यटन नगरी तक सीमित न रहकर एक टेक्नोलॉजी हब के रूप में भी स्थापित होगी। प्रशिक्षण कार्यक्रमों में कॉलेज छात्रों, नवस्नातकों और कामकाजी युवाओं को शामिल किया जाएगा, ताकि वे वैश्विक स्तर की स्किल्स हासिल कर सकें। कुल मिलाकर, जयपुर में AI के बड़े डाटा सेंटर की स्थापना राजस्थान के युवाओं के लिए सुनहरा अवसर है, जो राज्य की अर्थव्यवस्था को गति देने के साथ-साथ भारत को वैश्विक AI लीडर बनाने की दिशा में भी एक मजबूत कदम साबित होगा।

