
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल ने युवाओं को संबोधित करते हुए एक प्रेरक और राष्ट्रवादी संदेश दिया है, जिसमें उन्होंने कहा कि भारत को हर क्षेत्र में मजबूत बनाकर ही हम इतिहास में हुए अन्याय और अपमान का प्रतिशोध ले सकते हैं। उनका कहना था कि आज का भारत केवल अतीत की पीड़ाओं को याद करने वाला नहीं, बल्कि उनसे सीख लेकर एक सशक्त, आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। डोभाल ने युवाओं को देश की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि अगर भारत को विश्व मंच पर निर्णायक भूमिका निभानी है तो इसके लिए युवाओं को तकनीक, विज्ञान, रक्षा, शिक्षा और उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में उत्कृष्टता हासिल करनी होगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आधुनिक युद्ध सिर्फ सीमा पर नहीं लड़े जाते, बल्कि साइबर स्पेस, आर्थिक मोर्चे और सूचना के क्षेत्र में भी लड़े जाते हैं, इसलिए युवाओं को बहुआयामी कौशल विकसित करने की जरूरत है। डोभाल ने यह भी कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा केवल सेना या सुरक्षा एजेंसियों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह अपने काम, ईमानदारी और राष्ट्र के प्रति निष्ठा से देश को मजबूत बनाए। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे नकारात्मक सोच और दुष्प्रचार से बचें तथा भारत की प्रगति और एकता को प्राथमिकता दें। उनके अनुसार, इतिहास ने भारत को कई बार कमजोर करने की कोशिश की, लेकिन आज देश के पास वह सामर्थ्य है कि वह न केवल अपनी रक्षा कर सके, बल्कि वैश्विक स्तर पर नेतृत्व भी कर सके। अजित डोभाल ने कहा कि जब युवा आत्मविश्वास, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति के साथ आगे बढ़ते हैं तो कोई भी शक्ति देश को कमजोर नहीं कर सकती। उन्होंने यह भी जोड़ा कि आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को साकार करना ही सच्चा प्रतिशोध है, क्योंकि इससे भारत आर्थिक, सैन्य और तकनीकी रूप से इतना सक्षम होगा कि कोई भी उसे नजरअंदाज नहीं कर पाएगा। उनके इस संदेश ने युवाओं में देश के लिए कुछ कर गुजरने की भावना को और मजबूत किया है, जो आने वाले समय में भारत को एक नई ऊंचाई पर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।



