
भारत और अमेरिका के बीच मजबूत होते द्विपक्षीय संबंधों पर गृह मंत्री अमित शाह ने एक बार फिर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच होने वाले व्यापार समझौते न केवल आर्थिक दृष्टि से बल्कि रणनीतिक और कूटनीतिक रूप से भी अत्यंत लाभकारी हैं। अमित शाह के अनुसार, भारत और अमेरिका विश्व की दो बड़ी लोकतांत्रिक शक्तियां हैं और जब ये दोनों देश आपसी सहयोग बढ़ाते हैं तो इसका सकारात्मक प्रभाव वैश्विक स्तर पर भी दिखाई देता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि व्यापार समझौते से दोनों देशों के उद्योग, किसान, छोटे व्यवसाय और स्टार्टअप्स को नए अवसर मिलेंगे, जिससे रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को गति मिलेगी।
गृह मंत्री ने कहा कि भारत सरकार आत्मनिर्भर भारत की नीति के तहत वैश्विक साझेदारियों को मजबूत कर रही है और अमेरिका इस दिशा में एक महत्वपूर्ण सहयोगी है। व्यापार समझौतों के माध्यम से तकनीक, रक्षा, ऊर्जा, स्वास्थ्य और डिजिटल सेक्टर में सहयोग बढ़ेगा। इससे भारतीय उत्पादों को अमेरिकी बाजार में बेहतर पहुंच मिलेगी, वहीं अमेरिका को भी भारत के विशाल उपभोक्ता बाजार और कुशल मानव संसाधन का लाभ मिलेगा। अमित शाह ने यह भी कहा कि इस तरह के समझौते से सप्लाई चेन मजबूत होंगी और वैश्विक आर्थिक अस्थिरता के दौर में दोनों देश एक-दूसरे के लिए भरोसेमंद साझेदार बनकर उभरेंगे।
उन्होंने भारत-अमेरिका संबंधों को केवल व्यापार तक सीमित न बताते हुए कहा कि यह साझेदारी साझा मूल्यों, लोकतंत्र, कानून के शासन और वैश्विक शांति पर आधारित है। आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई, साइबर सुरक्षा और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्थिरता जैसे मुद्दों पर भी दोनों देशों का सहयोग लगातार बढ़ रहा है। अमित शाह ने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में भारत-अमेरिका संबंध नई ऊंचाइयों को छुएंगे और व्यापार समझौते इस रिश्ते को और मजबूत आधार प्रदान करेंगे।
अंत में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत वैश्विक मंच पर एक जिम्मेदार और भरोसेमंद शक्ति के रूप में उभरा है। अमेरिका के साथ मजबूत होते व्यापारिक और रणनीतिक संबंध इसी दिशा में एक बड़ा कदम हैं, जिससे दोनों देशों के नागरिकों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलेगा।



