यूपी में अंबेडकर विरासत की सुरक्षा को लेकर बड़ी पहल, CM योगी ने नई नीति का किया ऐलान

उत्तर प्रदेश सरकार डॉ. भीमराव अंबेडकर से जुड़ी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा को लेकर एक अहम कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक सार्वजनिक मंच से घोषणा करते हुए कहा कि राज्य में अंबेडकर विरासत की पहचान, संरक्षण और संवर्धन के लिए जल्द ही एक नई नीति लागू की जाएगी। इस नीति का उद्देश्य बाबा साहेब अंबेडकर के विचारों, संघर्षों और सामाजिक न्याय के संदेश से जुड़ी स्थलों और स्मृतियों को सुरक्षित रखना है, ताकि आने वाली पीढ़ियां उनके जीवन और योगदान से प्रेरणा ले सकें।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि डॉ. अंबेडकर केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि समानता, सामाजिक न्याय और संविधानिक मूल्यों के प्रतीक हैं। उनकी विरासत से जुड़े स्मारक, भवन, अध्ययन केंद्र और ऐतिहासिक स्थल समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। नई नीति के तहत ऐसे सभी स्थलों की पहचान कर उनका डिजिटलीकरण किया जाएगा, साथ ही उनके रखरखाव और सौंदर्यीकरण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि संरक्षण के साथ-साथ इन स्थलों को ज्ञान और जागरूकता के केंद्र के रूप में भी विकसित किया जाना चाहिए।
इस नीति में स्थानीय प्रशासन और सामाजिक संगठनों की भूमिका भी तय की जाएगी, ताकि संरक्षण का कार्य केवल सरकारी स्तर तक सीमित न रहे, बल्कि समाज की सहभागिता भी सुनिश्चित हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि अंबेडकर की विरासत से जुड़े कार्यक्रमों, शोध गतिविधियों और शैक्षणिक आयोजनों को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे न केवल इतिहास का संरक्षण होगा, बल्कि युवाओं में संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति समझ भी मजबूत होगी।
सीएम योगी ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार किसी भी प्रकार की उपेक्षा या नुकसान को बर्दाश्त नहीं करेगी। अंबेडकर से जुड़ी धरोहरों के साथ छेड़छाड़ या अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह नई नीति सामाजिक समरसता और सम्मान की भावना को और मजबूत करेगी। कुल मिलाकर, यूपी सरकार की यह पहल बाबा साहेब अंबेडकर के आदर्शों को सहेजने और उन्हें जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में एक सराहनीय और दूरगामी कदम माना जा रहा है।



