
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली है। ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि आतंकवाद मानवता के खिलाफ अपराध है और इसे किसी भी परिस्थिति में सही नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और भारत के साथ एकजुटता दिखाई। इस बीच भारत और ब्राजील के संबंधों को नई दिशा देते हुए दोनों देशों के बीच क्रिटिकल मिनरल्स के क्षेत्र में महत्वपूर्ण समझौता हुआ। यह समझौता इलेक्ट्रिक व्हीकल, सेमीकंडक्टर, रक्षा और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे रणनीतिक क्षेत्रों के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ब्राजील के राष्ट्रपति के सम्मान में भव्य स्टेट डिनर का आयोजन किया, जिसमें दोनों देशों के शीर्ष प्रतिनिधि और गणमान्य अतिथि शामिल हुए। इस अवसर पर भारत-ब्राजील साझेदारी को ‘ग्लोबल साउथ’ की मजबूती का प्रतीक बताया गया। बैठक में व्यापार, जलवायु परिवर्तन, कृषि अनुसंधान, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और रक्षा सहयोग पर भी विस्तार से चर्चा हुई। भारत और ब्राजील पहले से ही ब्रिक्स जैसे मंचों पर मिलकर काम करते रहे हैं, लेकिन क्रिटिकल मिनरल्स समझौते को रणनीतिक दृष्टि से गेमचेंजर माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता वैश्विक सप्लाई चेन में विविधता लाने और चीन पर निर्भरता कम करने की दिशा में अहम कदम है। ब्राजील के पास लिथियम, निकल और अन्य महत्वपूर्ण खनिजों का बड़ा भंडार है, जबकि भारत इन संसाधनों का उपयोग अपनी विनिर्माण क्षमता बढ़ाने में करना चाहता है। दोनों देशों ने आतंकवाद के खिलाफ मिलकर काम करने और खुफिया सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति जताई। पहलगाम हमले की निंदा और रणनीतिक समझौते के साथ यह यात्रा केवल संवेदना तक सीमित नहीं रही, बल्कि द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई देने का संकेत भी दे गई।



