
नई दिल्ली में आयोजित 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के पहले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत मंडपम में BRICS देशों के नेताओं और अन्य विशिष्ट अतिथियों के लिए गाला डिनर का आयोजन किया। दो दिवसीय शिखर सम्मेलन 12 और 13 सितंबर को हो रहा है, जिसमें वैश्विक शासन, बहुपक्षीय सहयोग और विकास से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा हो रही है।
प्रधानमंत्री मोदी की मेजबानी में आयोजित इस विशेष भोज में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान समेत BRICS के कई प्रमुख नेता शामिल हुए। शी जिनपिंग का भारत दौरा करीब सात साल बाद हुआ है, जबकि पुतिन भी सम्मेलन में हिस्सा लेने दिल्ली पहुंचे हैं।
गाला डिनर को भारत की सांस्कृतिक और खानपान की विविधता को दुनिया के सामने रखने के अवसर के तौर पर भी देखा गया। मेहमानों के लिए तैयार किए गए विशेष मेन्यू में भारतीय स्वाद और पारंपरिक व्यंजनों की झलक दिखाई दी। इनमें गुच्छी मार्मिक, मिलेट पुलाव और खुंब गलौटी जैसे व्यंजन शामिल रहे।
डिनर के दौरान ‘BRICS Symphony’ नाम से विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुति भी रखी गई। इसमें भारत सहित BRICS सदस्य देशों से जुड़े कलाकारों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में भारतीय शास्त्रीय नृत्य और संगीत की प्रस्तुति के जरिए देश की सांस्कृतिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय मेहमानों के सामने पेश किया गया।
गाला डिनर से पहले BRICS नेताओं ने भारत मंडपम में ‘Bharat Innovates’ प्रदर्शनी का भी दौरा किया। इसके बाद नेताओं ने समूह फोटो और संयुक्त पौधारोपण कार्यक्रम में हिस्सा लिया। सम्मेलन के कार्यक्रम में पर्यावरण, नवाचार और विकास को भी प्रमुखता दी गई।
BRICS समिट के पहले दिन कूटनीतिक गतिविधियां भी काफी महत्वपूर्ण रहीं। प्रधानमंत्री मोदी ने विभिन्न नेताओं के साथ द्विपक्षीय बातचीत की। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ उनकी बैठक में भारत-चीन संबंधों, सीमा पर शांति और सहयोग के विस्तार पर चर्चा हुई। दोनों देशों के बीच 2020 के गलवान संघर्ष के बाद रिश्तों में आए तनाव को देखते हुए यह बातचीत खास महत्व रखती है।
शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी ने BRICS को सहयोग और साझेदारी का मंच बताते हुए वैश्विक शासन व्यवस्था में सुधार की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने ग्लोबल साउथ की भूमिका बढ़ाने और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं को अधिक प्रतिनिधित्वकारी बनाने की बात कही। साथ ही समुद्री मार्गों और नाविकों की सुरक्षा के लिए ‘Seafarers Emergency Support Network’ का प्रस्ताव भी रखा।
भारत मंडपम में आयोजित गाला डिनर इस पूरे शिखर सम्मेलन का एक खास कूटनीतिक और सांस्कृतिक अवसर रहा। एक तरफ जहां दुनिया के प्रमुख नेता वैश्विक चुनौतियों पर चर्चा के लिए एक मंच पर जुटे, वहीं भारत ने अपनी संस्कृति, आतिथ्य और खानपान की समृद्ध परंपरा के जरिए विदेशी मेहमानों का स्वागत किया।



