
केंद्रीय बजट 2026 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम जनता, किसानों और कारीगरों को राहत देने वाले कई बड़े एलान किए हैं। बजट का सबसे अहम फोकस स्वास्थ्य, टेक्सटाइल और पारंपरिक उद्योगों को मजबूत करने पर रहा। सरकार ने साफ संकेत दिया है कि आर्थिक विकास के साथ-साथ सामाजिक कल्याण को भी प्राथमिकता दी जाएगी।
बजट भाषण में वित्त मंत्री ने घोषणा की कि कैंसर, डायबिटीज और अन्य गंभीर बीमारियों में इस्तेमाल होने वाली कई जरूरी दवाइयों को सस्ता किया जाएगा। इन दवाओं पर इंपोर्ट ड्यूटी और टैक्स में कटौती की जाएगी, जिससे इलाज की लागत कम होगी। इससे लाखों मरीजों और उनके परिवारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। सरकार का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ और किफायती बनाना उसकी प्राथमिकता है।
इसके साथ ही टेक्सटाइल सेक्टर को नई रफ्तार देने के लिए देशभर में नए टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने का एलान किया गया है। इन पार्कों के जरिए आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स और तकनीक की सुविधा मिलेगी, जिससे भारत वैश्विक टेक्सटाइल बाजार में अपनी स्थिति और मजबूत कर सकेगा। इससे खासतौर पर युवाओं और महिलाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है।
वित्त मंत्री ने महात्मा गांधी हैंडलूम योजना को और सशक्त बनाने की भी घोषणा की। इस योजना के तहत बुनकरों को सस्ती दरों पर कच्चा माल, आधुनिक उपकरण, डिजाइन और मार्केटिंग सपोर्ट दिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य पारंपरिक हैंडलूम उद्योग को पुनर्जीवित करना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देना है। इसके लिए अतिरिक्त बजटीय प्रावधान भी किए गए हैं।
बजट 2026 में यह भी कहा गया कि एमएसएमई और कुटीर उद्योगों को आसान ऋण और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि वे प्रतिस्पर्धी बन सकें। टेक्सटाइल और हैंडलूम सेक्टर को निर्यात से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जाएगा, जिससे देश को विदेशी मुद्रा भी हासिल हो सके।
कुल मिलाकर, वित्त मंत्री के ये बड़े एलान यह दिखाते हैं कि सरकार का फोकस सिर्फ आर्थिक आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि आम आदमी की सेहत, रोजगार और पारंपरिक उद्योगों के संरक्षण पर भी है। कैंसर और डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों की दवाइयों के सस्ता होने से जहां मरीजों को राहत मिलेगी, वहीं टेक्सटाइल पार्क और महात्मा गांधी हैंडलूम योजना से देश के लाखों कारीगरों और बुनकरों की जिंदगी में सकारात्मक बदलाव आने की उम्मीद है।



