
केंद्रीय बजट 2026 ने आम उपभोक्ताओं की रोजमर्रा की ज़िंदगी पर सीधा असर डाला है। सुबह ऑफिस या कैफे में पी जाने वाली मशीन से बनी कॉफी से लेकर शाम को दोस्तों के साथ ली जाने वाली शराब तक, कई चीज़ों के दाम अब बदलने वाले हैं। बजट में सरकार ने कुछ सेक्टरों को राहत दी है तो कुछ वस्तुओं पर टैक्स और ड्यूटी बढ़ाकर राजस्व बढ़ाने की कोशिश की है। सबसे पहले महंगी होने वाली चीज़ों की बात करें तो मशीन-ब्रूड कॉफी पर असर साफ दिखेगा, क्योंकि कॉफी रोस्टिंग, ब्रूइंग और वेंडिंग मशीनों पर मिलने वाली कस्टम ड्यूटी छूट हटा दी गई है। इसका मतलब है कि कैफे, ऑफिस कैंटीन और वेंडिंग मशीन से मिलने वाली कॉफी का कप अब महंगा हो सकता है। इसी तरह शराब भी बजट के बाद जेब पर भारी पड़ेगी, क्योंकि आयातित शराब पर कस्टम ड्यूटी और टैक्स कलेक्शन एट सोर्स (TCS) बढ़ाया गया है। इसके अलावा सिगरेट, पान मसाला और अन्य तंबाकू उत्पादों पर ‘सिन गुड्स’ के तहत टैक्स बढ़ने से इनके दाम भी ऊपर जाएंगे। लग्ज़री घड़ियां, डिजिटल कैमरे, वीडियो गेम्स और कुछ इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी महंगे होने वाली सूची में शामिल हैं।
वहीं दूसरी तरफ बजट 2026 में कई राहत देने वाली घोषणाएं भी की गई हैं। कैंसर सहित 17 जरूरी दवाओं पर कस्टम ड्यूटी में छूट से इलाज सस्ता होने की उम्मीद है। इलेक्ट्रिक व्हीकल बैटरियां और सोलर पैनल के कच्चे माल पर ड्यूटी घटाने से ईवी और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा, जिससे लंबे समय में उपभोक्ताओं को फायदा होगा। माइक्रोवेव ओवन, स्मार्टफोन, लेदर उत्पाद, सीफूड और कुछ स्पोर्ट्स इक्विपमेंट भी सस्ते होने की दिशा में हैं। व्यक्तिगत उपयोग के लिए विदेश से मंगाए जाने वाले उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स पर बेसिक कस्टम ड्यूटी 20% से घटाकर 10% कर दी गई है, जिससे ऑनलाइन शॉपिंग करने वालों को राहत मिलेगी। कुल मिलाकर बजट 2026 ने एक तरफ स्वास्थ्य, ग्रीन एनर्जी और मैन्युफैक्चरिंग को प्रोत्साहन दिया है, तो दूसरी तरफ शराब, तंबाकू और लग्ज़री आइटम्स को महंगा कर उपभोग को नियंत्रित करने का संदेश दिया है।



