
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस समिट के दौरान एक चीनी रोबोडॉग के प्रदर्शन को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया, जिसके बाद आयोजकों ने Galgotias University को कार्यक्रम स्थल से बाहर जाने का निर्देश दे दिया। समिट में रोबोटिक्स और एआई से जुड़े कई इनोवेटिव प्रोजेक्ट्स प्रदर्शित किए जा रहे थे, लेकिन रोबोडॉग के डेमो के दौरान तकनीकी गड़बड़ी और सुरक्षा प्रोटोकॉल को लेकर सवाल उठे। बताया गया कि डिवाइस का मूवमेंट अनियंत्रित हो गया, जिससे वहां मौजूद प्रतिभागियों में अफरा-तफरी मच गई। कुछ विशेषज्ञों ने यह भी आरोप लगाया कि डेमो के दौरान आवश्यक सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन नहीं किया गया था।
आयोजकों का कहना है कि कार्यक्रम में सुरक्षा सर्वोपरि है और किसी भी प्रकार की संभावित जोखिम की स्थिति में तत्काल कार्रवाई करना जरूरी था। वहीं विश्वविद्यालय प्रशासन ने सफाई देते हुए कहा कि रोबोडॉग पूरी तरह रिसर्च और शैक्षणिक उद्देश्य से लाया गया था और उसका मकसद एआई आधारित स्वायत्त सिस्टम की क्षमता दिखाना था। हालांकि सोशल मीडिया पर इस घटना के वीडियो तेजी से वायरल हो गए, जिससे मामले ने और तूल पकड़ लिया। कई तकनीकी विशेषज्ञों ने इसे एआई प्रोजेक्ट्स में जिम्मेदार परीक्षण और पब्लिक डेमो से पहले कठोर सेफ्टी ऑडिट की जरूरत का उदाहरण बताया।
घटना के बाद समिट के आयोजकों ने बयान जारी कर कहा कि भविष्य में किसी भी विदेशी या उन्नत रोबोटिक सिस्टम के प्रदर्शन से पहले विस्तृत तकनीकी परीक्षण और अनुमति प्रक्रिया अनिवार्य की जाएगी। इस प्रकरण ने एआई और रोबोटिक्स के तेजी से बढ़ते उपयोग के बीच नियामक ढांचे और सुरक्षा मानकों पर नई बहस छेड़ दी है। फिलहाल, Galgotias University की टीम को समिट से बाहर कर दिया गया है, जबकि मामले की आंतरिक जांच की बात भी सामने आ रही है। विशेषज्ञ मानते हैं कि इस विवाद से यह स्पष्ट होता है कि तकनीकी नवाचार के साथ-साथ जवाबदेही और सुरक्षा प्रबंधन भी उतना ही महत्वपूर्ण है।



