उत्तर भारत में शीतलहर का प्रकोप जारी, धूप के बावजूद गलन से राहत नहीं; कई राज्यों में अलर्ट

उत्तर भारत इन दिनों कड़ाके की ठंड की चपेट में है और धूप निकलने के बावजूद लोगों को गलन से राहत नहीं मिल पा रही है। पहाड़ी क्षेत्रों से लगातार आ रही ठंडी हवाओं और उत्तर-पश्चिमी शीतलहर के कारण मैदानी इलाकों में तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है। सुबह और देर रात घना कोहरा छाया रहता है, जिससे दृश्यता कम हो जाती है और सड़क, रेल व हवाई यातायात पर भी असर पड़ रहा है। दिन में हल्की धूप निकलने के बाद भी ठंडी हवाएं शरीर में सिहरन पैदा कर रही हैं, जिससे लोग ऊनी कपड़ों के बिना बाहर निकलने से बच रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और मध्य प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में ठंड का असर अगले कुछ दिनों तक बना रह सकता है। कई राज्यों के लिए कोल्ड डे और शीतलहर को लेकर अलर्ट जारी किया गया है, खासकर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। न्यूनतम तापमान में गिरावट के साथ-साथ नमी अधिक होने से गलन बढ़ गई है, जिससे दिन में भी ठंड ज्यादा महसूस हो रही है। किसानों के लिए यह मौसम फसलों पर दोहरा असर डाल सकता है—एक ओर रबी की फसलों को ठंड से लाभ मिलता है, वहीं पाले की आशंका से सब्जियों और सरसों जैसी फसलों को नुकसान भी हो सकता है। ऐसे में कृषि विशेषज्ञों ने पाले से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है। आम लोगों को भी ठंड से बचने के लिए सुबह-शाम अनावश्यक यात्रा से बचने, गर्म कपड़े पहनने और पर्याप्त गर्म पेय लेने की सलाह दी जा रही है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जब तक पश्चिमी विक्षोभ और ठंडी हवाओं का प्रभाव बना रहेगा, तब तक धूप निकलने के बाद भी गलन से पूरी राहत मिलने की संभावना कम है। आने वाले दिनों में तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव हो सकता है, लेकिन ठंड का असर फिलहाल उत्तर भारत में बना रहने के आसार हैं।



