देश की सबसे बड़ी निजी एयरलाइन IndiGo की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने पायलटों के प्रशिक्षण में गंभीर खामियों को लेकर एयरलाइन को नोटिस जारी किया है। DGCA के अनुसार, इंडिगो के ट्रेनिंग प्रोग्राम में कई ऐसी कमियां पाई गई हैं, जो विमानन सुरक्षा मानकों के विपरीत हैं और यात्रियों की सुरक्षा पर सीधा असर डाल सकती हैं।
सूत्रों के मुताबिक, DGCA ने हाल ही में इंडिगो के पायलट प्रशिक्षण केंद्र का निरीक्षण किया था। इस निरीक्षण के दौरान पाया गया कि पायलटों के प्रशिक्षण सत्र तय मानकों और प्रक्रियाओं के अनुसार नहीं हो रहे थे। कुछ मामलों में प्रशिक्षण के लिए आवश्यक सिम्युलेटर समय पूरा नहीं किया गया, तो कुछ मामलों में अनिवार्य रिफ्रेशर कोर्स को नजरअंदाज किया गया।
DGCA का कहना है कि पायलट प्रशिक्षण विमान संचालन का सबसे अहम हिस्सा है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही सीधे विमान सुरक्षा को खतरे में डाल सकती है। इसीलिए इंडिगो को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा गया है कि आखिर इन खामियों की वजह क्या है और इन्हें तुरंत क्यों नहीं सुधारा गया। एयरलाइन को तय समयसीमा के भीतर अपना लिखित जवाब देना होगा, वरना नियामक संस्था कड़ी कार्रवाई कर सकती है।
इंडिगो की ओर से इस मामले पर बयान जारी करते हुए कहा गया है कि वह DGCA के सभी नियमों और सुरक्षा मानकों का पालन करती है। कंपनी ने यह भी कहा कि DGCA द्वारा उठाए गए बिंदुओं पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है और प्रशिक्षण प्रणाली को और मजबूत किया जाएगा।
विमानन विशेषज्ञों का मानना है कि पायलट प्रशिक्षण में खामियां न केवल एयरलाइन की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा सकती हैं, बल्कि इसके कारण अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर भी असर पड़ सकता है। अगर DGCA को लगे कि इंडिगो ने सुधारात्मक कदम नहीं उठाए हैं, तो वह पायलट लाइसेंस नवीनीकरण और अंतरराष्ट्रीय रूट परमिशन जैसी सुविधाओं पर भी रोक लगा सकती है।
इससे पहले भी कई एयरलाइनों को DGCA की जांच में प्रशिक्षण और रखरखाव संबंधी कमियों के लिए नोटिस मिल चुके हैं। लेकिन इंडिगो जैसी प्रमुख और भरोसेमंद एयरलाइन के खिलाफ इस तरह का आरोप सामने आना विमानन क्षेत्र के लिए चौंकाने वाला है।
यात्रियों के भरोसे और सुरक्षा को बनाए रखने के लिए यह जरूरी है कि एयरलाइंस पायलट प्रशिक्षण में उच्चतम मानकों का पालन करें। DGCA का यह कदम न केवल इंडिगो, बल्कि पूरे भारतीय विमानन उद्योग के लिए एक चेतावनी है कि सुरक्षा और प्रशिक्षण से जुड़ी प्रक्रियाओं में कोई ढील बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आने वाले दिनों में इस मामले का असर इंडिगो के संचालन और उसकी बाजार छवि पर साफ नजर आ सकता है।



