
वियतनाम में आए चक्रवाती तूफान ‘बुआलोई’ ने भारी तबाही मचाई है। तूफान ने करीब 7 घंटे तक तटवर्ती इलाकों को अपनी चपेट में लिया, जिसके चलते कम से कम 8 लोगों की मौत हो गई और 17 अन्य अब भी लापता हैं। तूफान की तीव्रता और हवाओं की रफ्तार इतनी अधिक थी कि कई गांवों में मकान पूरी तरह ध्वस्त हो गए, सड़कें जलमग्न हो गईं और बिजली आपूर्ति भी बाधित हो गई।
स्थानीय प्रशासन और राहत एजेंसियां अब राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। सबसे अधिक नुकसान वियतनाम के मध्य और उत्तरी तटीय प्रांतों में हुआ है, जहां सैकड़ों घरों को खाली कराया गया। कई इलाकों में लैंडस्लाइड और बाढ़ की स्थिति बनी हुई है, जिससे राहत कार्यों में भी परेशानी आ रही है। वियतनाम सरकार ने आपदा को देखते हुए सेना और बचाव दलों को प्रभावित इलाकों में भेजा है।
बुआलोई तूफान के कारण समुद्र में लहरें 4 से 6 मीटर तक ऊँची उठीं, जिससे मछुआरों को पहले ही चेतावनी जारी कर दी गई थी। बावजूद इसके, कई लोग समुद्र में फंसे रह गए, जिनमें से कुछ को सुरक्षित निकाल लिया गया है, लेकिन 17 लोग अभी भी लापता हैं। खोज अभियान जारी है।
जलवायु वैज्ञानिकों का मानना है कि समुद्र का बढ़ता तापमान इस प्रकार के तीव्र तूफानों के पीछे एक बड़ी वजह है। इस प्रकार की आपदाएं भविष्य में और भी घातक रूप ले सकती हैं यदि समय रहते ठोस कदम न उठाए जाएँ।
बुआलोई की यह तबाही हमें यह याद दिलाती है कि प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए हमें न केवल बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर की आवश्यकता है, बल्कि आम जनता को जागरूक और सतर्क रहने की भी जरूरत है।



