
रूस में MBBS की पढ़ाई कर रहे एक भारतीय छात्र की मौत की खबर ने देशभर में दुख और चिंता की लहर पैदा कर दी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह छात्र दूध खरीदने के लिए हॉस्टल से निकला था, लेकिन इसके बाद वह 19 दिनों तक लापता रहा। आखिरकार, रूसी पुलिस को उसका शव एक नदी के किनारे मिला। फिलहाल, स्थानीय प्रशासन मामले की जांच कर रहा है।
मृतक छात्र की पहचान भारत के केरल निवासी 22 वर्षीय अरविंद राजन के रूप में हुई है (नाम मीडिया रिपोर्टों के आधार पर)। वह रूस के एक प्रतिष्ठित मेडिकल विश्वविद्यालय में एमबीबीएस के तीसरे वर्ष का छात्र था। घटना की शुरुआत 19 दिन पहले हुई जब अरविंद अपने दोस्तों से यह कहकर निकला कि वह पास की दुकान से दूध लेकर लौट आएगा। जब वह कई घंटे तक नहीं लौटा, तो साथियों ने उसकी तलाश शुरू की और स्थानीय पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई।
रूसी पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के जरिए जांच शुरू की, जिसमें छात्र आखिरी बार देर शाम सड़क पार करते हुए देखा गया था। कई दिनों की खोजबीन के बाद आखिरकार उसका शव एक नदी के किनारे बरामद हुआ। हालांकि, अब तक मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा नहीं हो सका है।
भारतीय दूतावास ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है और कहा है कि वे स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर मामले की पूरी जांच करवा रहे हैं। शव को जल्द से जल्द भारत लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
भारत में छात्र के परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने केंद्र सरकार से अपील की है कि विदेशों में पढ़ रहे भारतीय छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं।
यह घटना एक बार फिर उन खतरों की ओर ध्यान आकर्षित करती है जिनका सामना विदेशी छात्रों को विदेशों में करना पड़ता है — चाहे वह भाषा की बाधा हो, मौसम की कठिनाई या स्थानीय असुरक्षा।
कुल मिलाकर, रूस में भारतीय छात्र की यह मौत कई सवाल खड़े करती है — क्या यह दुर्घटना थी, कोई अपराध या कुछ और? इन सभी पहलुओं की जांच जारी है, लेकिन फिलहाल यह घटना विदेश में पढ़ने वाले भारतीय छात्रों के लिए एक बड़ी चेतावनी बन गई है।



