
राजस्थान सरकार ने दिवाली से पहले राज्यभर के सरकारी स्कूलों को सजाने-संवारने का निर्देश जारी किया है। शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को आदेश दिया है कि विद्यालयों में रंग-रोगन, सफाई और रखरखाव का कार्य तत्काल शुरू किया जाए ताकि त्योहार से पहले बच्चों को एक स्वच्छ और सुंदर वातावरण मिल सके। यह पहल न केवल स्कूलों को आकर्षक बनाएगी, बल्कि छात्रों में स्वच्छता और सौंदर्यबोध के प्रति जागरूकता भी बढ़ाएगी।
शिक्षा निदेशालय के अनुसार, यह अभियान “स्वच्छ विद्यालय–सुंदर विद्यालय” के तहत चलाया जा रहा है। इस दौरान दीवारों की पुताई, पुराने पोस्टर हटाने, टूटे फर्नीचर की मरम्मत और बागवानी पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही स्कूल प्रांगण में पौधारोपण और परिसर की नियमित सफाई सुनिश्चित करने के आदेश भी जारी किए गए हैं। विभाग ने यह भी कहा है कि जहां संभव हो, स्थानीय समुदाय, अभिभावक और ग्राम पंचायतें इस काम में सहयोग करें ताकि स्कूलों का समग्र रूपांतरण किया जा सके।
दिवाली से पहले यह पहल इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि यह त्योहारी मौसम में बच्चों में उत्साह और सकारात्मकता का माहौल बनाएगी। राज्य के शिक्षा मंत्री ने कहा कि साफ-सुथरा और आकर्षक वातावरण बच्चों की सीखने की क्षमता पर सीधा प्रभाव डालता है। इसलिए स्कूलों को केवल पढ़ाई का केंद्र नहीं, बल्कि प्रेरणादायक स्थान बनाया जाना चाहिए।
कई जिलों में पहले से ही तैयारी शुरू हो चुकी है। जयपुर, अजमेर, बीकानेर और जोधपुर के स्कूलों में पेंटिंग और सफाई का कार्य जोरों पर है। कुछ जगहों पर शिक्षकों और विद्यार्थियों ने मिलकर स्कूलों को सजाने का बीड़ा उठाया है। दीवारों पर शैक्षिक स्लोगन और प्रेरक पेंटिंग बनाई जा रही हैं, जिससे वातावरण अधिक जीवंत दिखे।
शिक्षा विभाग का यह कदम स्वागतयोग्य है, क्योंकि इससे सरकारी स्कूलों की छवि में सुधार होगा और छात्रों में गर्व की भावना बढ़ेगी। दिवाली से पहले स्कूलों की नई चमक राज्य के शिक्षा क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव की झलक पेश करेगी।



