पहले लूटा, विकृत किया और फिर नकारा’ – CM योगी आदित्यनाथ बोले, आज की अयोध्या बांटती नहीं जोड़ती है

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि “पहले अयोध्या को लूटा गया, उसके स्वरूप को विकृत किया गया और फिर उसके अस्तित्व को ही नकार दिया गया।” उन्होंने कहा कि जो लोग कभी भगवान राम और अयोध्या की संस्कृति को मिटाने की साजिश करते थे, आज वही लोग दिखावे के लिए राम का नाम ले रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी ने अपने संबोधन में कहा कि आज की अयोध्या पहले की तरह टूटी हुई नहीं, बल्कि एक नई, आधुनिक और गौरवशाली अयोध्या के रूप में उभर रही है जो “बांटती नहीं, जोड़ती है।”
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या सिर्फ एक शहर नहीं, बल्कि भारत की आत्मा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि वर्षों तक राजनीतिक स्वार्थ के चलते यहां की पहचान को नकारा गया, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अब अयोध्या ने अपने खोए गौरव को फिर से प्राप्त किया है। उन्होंने कहा कि जो लोग कभी राम मंदिर निर्माण का विरोध करते थे, अब उसी मंदिर के उद्घाटन में फोटो खिंचवाने की होड़ में लगे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज अयोध्या में विकास और आध्यात्मिकता का संगम देखने को मिलता है। नई सड़कें, भव्य दीपोत्सव, अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा और श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के साथ अयोध्या अब विश्व स्तर पर एक सांस्कृतिक धरोहर के रूप में पहचानी जा रही है। उन्होंने कहा कि “अयोध्या अब नफरत का नहीं, एकता और आस्था का प्रतीक बन चुकी है।”
योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए अयोध्या प्रेरणा का स्रोत बनेगी। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि वह अयोध्या की गरिमा और स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग करें।
योगी के इस बयान ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। विपक्ष ने उन पर राजनीतिक लाभ के लिए धार्मिक मुद्दों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया, जबकि भाजपा कार्यकर्ताओं ने इसे “सांस्कृतिक पुनर्जागरण की सच्ची भावना” बताया। अयोध्या के विकास और आध्यात्मिकता की यह नई परिभाषा योगी सरकार की प्राथमिकता को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।



