लखनऊ में गीता प्रेरणा उत्सव: CM योगी का संदेश – भारत ‘जियो और जीने दो’ का राष्ट्र

लखनऊ में आयोजित गीता प्रेरणा उत्सव का माहौल अध्यात्म, संस्कृति और सकारात्मक ऊर्जा से भरा हुआ था। इस विशेष समारोह में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान CM योगी ने श्रीमद्भगवद्गीता के संदेशों को न केवल भारतीय जीवन दर्शन का आधार बताया, बल्कि उन्होंने यह भी कहा कि भारत दुनिया को ‘जियो और जीने दो’ का मार्ग दिखाने वाला देश है। उन्होंने अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि गीता सिर्फ एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में मार्गदर्शन देने वाली आध्यात्मिक धरोहर है, जो व्यक्ति को कर्तव्य, साहस और सत्य के पथ पर चलना सिखाती है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत की संस्कृति हमेशा समावेशी रही है। यहां सबको साथ लेकर चलने की परंपरा रही है। गीता का सार हमें बताता है कि किसी भी परिस्थिति में अपने कर्तव्य से पीछे नहीं हटना चाहिए। उन्होंने युवाओं को विशेष रूप से संबोधित करते हुए कहा कि आज की दुनिया में जहां भौतिकवादी सोच बढ़ रही है, वहां गीता का ज्ञान मानसिक शांति और जीवन के संतुलन का सबसे बड़ा माध्यम है।
कार्यक्रम में अध्यात्म पर आधारित विभिन्न प्रस्तुतियाँ हुईं, जिनमें गीता के श्लोकों का उच्चारण, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और आध्यात्मिक विचार गोष्ठियाँ शामिल थीं। बड़ी संख्या में छात्र, संत, विद्वान और आम नागरिक कार्यक्रम में उपस्थित रहे। लोगों ने CM योगी के विचारों का स्वागत किया और गीता के सार्वभौमिक महत्व पर उनके संदेश को सराहा।
CM योगी ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत वैश्विक मंच पर अपनी सांस्कृतिक पहचान को मजबूती से स्थापित कर रहा है। उन्होंने सभी से अपील की कि गीता के आदर्श जीवन के हर क्षेत्र में अपनाएँ, क्योंकि यही दुनिया में शांति, सद्भाव और मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देने का मार्ग है।
कुल मिलाकर, लखनऊ का यह गीता प्रेरणा उत्सव भारतीय आध्यात्मिक शक्ति, सांस्कृतिक समृद्धि और जीवन दर्शन की प्रेरणा से भरपूर रहा।



