
अंतरराष्ट्रीय अपराध की दुनिया से जुड़ी एक बड़ी खबर अमेरिका से सामने आई है, जहां गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के करीबी पर गोलीबारी की गई है। इस हमले की जिम्मेदारी एक अन्य विदेशी गैंग ने ली है, जिसने सोशल मीडिया पर खुलेआम चेतावनी दी — “कहीं भी छिप जाओ, छोड़ेंगे नहीं”। यह घटना न केवल भारत बल्कि अमेरिका में भी गैंगवार के बढ़ते प्रभाव को दर्शाती है। बताया जा रहा है कि जिस व्यक्ति पर हमला हुआ, वह लॉरेंस बिश्नोई गैंग से लंबे समय से जुड़ा था और विदेश में रहकर नेटवर्क संभालने का काम करता था।
रिपोर्ट्स के अनुसार, गोलीबारी अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य में हुई, जब पीड़ित अपने एक साथी के साथ कार में सफर कर रहा था। तभी दो अज्ञात हमलावरों ने अचानक गाड़ी पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। मौके पर भगदड़ मच गई और पीड़ित गंभीर रूप से घायल बताया जा रहा है। हालांकि स्थानीय पुलिस ने हमलावरों की तलाश शुरू कर दी है और मामले की जांच FBI की निगरानी में की जा रही है।
हमले के तुरंत बाद एक अज्ञात गैंग ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर इस घटना की जिम्मेदारी ली और दावा किया कि यह लॉरेंस बिश्नोई नेटवर्क को सबक सिखाने की शुरुआत है। इस बयान ने गैंगवार के नए अध्याय का संकेत दे दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह हमला भारत से बाहर चल रहे गैंगस्टर नेटवर्क के बीच वर्चस्व की लड़ाई का हिस्सा है, जिसमें कई बड़े नाम शामिल हैं।
लॉरेंस बिश्नोई का नाम पहले ही सिडनी, दुबई, और कनाडा तक फैले अपराध नेटवर्क से जुड़ चुका है। अमेरिका में यह गोलीबारी दिखाती है कि भारतीय गैंगस्टर अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी मौजूदगी बनाए हुए हैं। इस घटना ने भारतीय एजेंसियों को भी सतर्क कर दिया है, क्योंकि इसके तार भारत में चल रहे गैंग युद्ध से जुड़े हो सकते हैं। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस हमले की साजिश कहां रची गई थी और इसमें किन-किन लोगों का हाथ है।
यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि अपराध की दुनिया में सीमाओं का कोई अर्थ नहीं रह गया है — चाहे कोई कहीं भी छिप जाए, दुश्मन अब सीमा पार तक पीछा करने में सक्षम हैं।



