गोरखपुर में CM योगी का मज़ेदार अंदाज़: सांसद रवि किशन पर ली चुटकी, बोले– ‘कुश्ती मैदान में हो रही है लेकिन…’

गोरखपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने अलग ही अंदाज़ में नजर आए। आमतौर पर सख्त प्रशासनिक छवि के लिए पहचाने जाने वाले CM योगी ने मंच से सांसद और फिल्म अभिनेता रवि किशन की हल्के-फुल्के अंदाज़ में चुटकी ली, जिससे पूरे कार्यक्रम का माहौल खुशनुमा हो गया। मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए कहा, “कुश्ती मैदान में हो रही है लेकिन चर्चा हर जगह हो रही है,” यह सुनते ही मंच पर मौजूद नेता, अधिकारी और जनता ठहाकों में हंस पड़ी।
CM योगी की यह टिप्पणी सीधे तौर पर रवि किशन के जोशीले स्वभाव और उनकी लोकप्रियता से जुड़ी मानी जा रही है। रवि किशन न सिर्फ फिल्मी दुनिया में अपनी पहचान बना चुके हैं, बल्कि राजनीति में भी वे अपने बेबाक बयानों और सक्रियता के लिए जाने जाते हैं। मुख्यमंत्री ने इसी अंदाज़ में इशारा करते हुए कहा कि रवि किशन जहां भी जाते हैं, वहां ऊर्जा और उत्साह अपने आप पहुंच जाता है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर और पूर्वांचल के विकास पर भी विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि पहले जो क्षेत्र बीमारियों, अव्यवस्था और पिछड़ेपन के लिए जाना जाता था, आज वही गोरखपुर विकास, बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर की मिसाल बन रहा है। एम्स गोरखपुर, मेडिकल कॉलेज, एक्सप्रेसवे, औद्योगिक निवेश और रोजगार के नए अवसर इस बदलाव का प्रमाण हैं।
CM योगी ने यह भी कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से क्षेत्र में विकास की रफ्तार तेज हुई है। इस मौके पर उन्होंने सांसद रवि किशन की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि वे संसद में और क्षेत्रीय स्तर पर गोरखपुर की आवाज मजबूती से उठाते रहे हैं। मुख्यमंत्री की इस तारीफ पर रवि किशन भी मुस्कुराते नजर आए।
वहीं, रवि किशन ने मुख्यमंत्री की बातों का जवाब देते हुए कहा कि वे योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में काम करके खुद को सौभाग्यशाली मानते हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि गोरखपुर और उत्तर प्रदेश के विकास के लिए वे पूरी निष्ठा और ईमानदारी से काम करते रहेंगे।
कुल मिलाकर, यह कार्यक्रम केवल राजनीतिक भाषणों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें हास्य, अपनापन और सकारात्मक ऊर्जा भी देखने को मिली। CM योगी की चुटकी ने यह साबित कर दिया कि गंभीर जिम्मेदारियों के बीच थोड़ा सा हास्य भी जनता से जुड़ने का मजबूत माध्यम बन सकता है।



