
प्रधानमंत्री Narendra Modi ने डिजिटल दुनिया में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है। उनके आधिकारिक यूट्यूब चैनल के सब्सक्राइबरों की संख्या तीन करोड़ के पार पहुंच गई है, जो किसी भी भारतीय राजनेता के लिए बेहद अहम मील का पत्थर माना जा रहा है। यह आंकड़ा सिर्फ लोकप्रियता का संकेत नहीं, बल्कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उनकी मजबूत पकड़ और संवाद शैली की भी झलक देता है। पीएम मोदी लंबे समय से सोशल मीडिया का प्रभावी इस्तेमाल करते रहे हैं। वे अपने भाषण, ‘मन की बात’ कार्यक्रम, अंतरराष्ट्रीय दौरों और सरकारी योजनाओं से जुड़ी जानकारियां सीधे जनता तक पहुंचाते हैं। यही वजह है कि उनका चैनल लगातार तेजी से बढ़ता गया और अब तीन करोड़ का आंकड़ा पार कर चुका है।
अगर वैश्विक स्तर पर तुलना करें तो अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump भी इस मामले में पीछे नजर आते हैं। ट्रंप भले ही सोशल मीडिया पर अपने बेबाक अंदाज के लिए जाने जाते रहे हों, लेकिन यूट्यूब सब्सक्राइबर के मामले में पीएम मोदी उनसे काफी आगे हैं। वहीं, कांग्रेस नेता Rahul Gandhi का चैनल भी सक्रिय है, जहां वे प्रेस कॉन्फ्रेंस, रैलियों और राजनीतिक अभियानों के वीडियो साझा करते हैं, लेकिन सब्सक्राइबर संख्या के लिहाज से वे भी मोदी से काफी पीछे खड़े दिखाई देते हैं।
विशेषज्ञ मानते हैं कि पीएम मोदी की डिजिटल रणनीति बेहद सुनियोजित है। वे सिर्फ राजनीतिक संदेश ही नहीं देते, बल्कि भावनात्मक जुड़ाव और सकारात्मक नैरेटिव पर भी जोर देते हैं। युवा वर्ग और पहली बार वोट देने वाले मतदाताओं तक पहुंच बनाने में सोशल मीडिया ने अहम भूमिका निभाई है। यही कारण है कि यूट्यूब जैसे विजुअल प्लेटफॉर्म पर उनकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। तीन करोड़ सब्सक्राइबर का आंकड़ा पार करना इस बात का संकेत है कि डिजिटल राजनीति के इस दौर में पीएम मोदी ने खुद को सबसे आगे स्थापित कर लिया है।



