
चुनाव तैयारियों को लेकर हुई एक अहम बैठक के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ने पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक (डीजी) को कड़ी फटकार लगाई। बताया जा रहा है कि बैठक के दौरान कानून-व्यवस्था और चुनाव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए गए थे, जिस पर संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर मुख्य चुनाव आयुक्त का रुख काफी सख्त हो गया। उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि अगर चुनाव प्रक्रिया में किसी तरह की लापरवाही या निष्पक्षता पर सवाल उठे तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सूत्रों के मुताबिक बैठक में चुनाव आयोग के वरिष्ठ अधिकारी, राज्य प्रशासन और पुलिस विभाग के उच्च अधिकारी मौजूद थे। इसी दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ने पश्चिम बंगाल में चुनाव के दौरान होने वाली हिंसा और सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग का उद्देश्य हर हाल में निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करना है और इसके लिए प्रशासन को पूरी जिम्मेदारी के साथ काम करना होगा।
बैठक के दौरान जब डीजी से सुरक्षा व्यवस्था और संवेदनशील इलाकों में तैनाती को लेकर सवाल पूछे गए तो उनके जवाब से मुख्य चुनाव आयुक्त संतुष्ट नहीं दिखे। इसी पर उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि यदि चुनाव आयोग के निर्देशों का पालन ठीक से नहीं हुआ तो अधिकारियों को ऐसी जगह भेज दिया जाएगा जहां से वापस आना मुश्किल हो जाएगा। इस बयान के बाद बैठक का माहौल कुछ देर के लिए गंभीर हो गया और अधिकारियों को स्पष्ट संदेश मिल गया कि चुनाव आयोग इस बार किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं करेगा।
चुनाव आयोग ने साफ किया है कि मतदान प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए सभी राज्यों में कड़े निर्देश दिए गए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती, निगरानी बढ़ाने और प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। आयोग का कहना है कि चुनाव लोकतंत्र का सबसे बड़ा पर्व है और इसे शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराना सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी है। इसलिए यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो उसके खिलाफ तुरंत और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।



