
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच Masoud Pezeshkian ने वैश्विक शांति की दिशा में एक अहम पहल करते हुए भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi से मदद की अपील की है। ईरान के राष्ट्रपति ने कहा है कि मौजूदा हालात में युद्ध को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग बेहद जरूरी है और इस दिशा में BRICS अहम भूमिका निभा सकता है।
बताया जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच हाल ही में हुई बातचीत में क्षेत्रीय सुरक्षा, ऊर्जा आपूर्ति और वैश्विक स्थिरता जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। Masoud Pezeshkian ने इस दौरान विशेष रूप से यह आग्रह किया कि भारत, जो कि BRICS का एक प्रभावशाली सदस्य है, वह इस मंच के जरिए शांति बहाली के प्रयासों को तेज करे।
ईरान का मानना है कि BRICS जैसे बहुपक्षीय संगठन के पास वह ताकत और प्रभाव है, जिसके जरिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संवाद और कूटनीतिक समाधान को बढ़ावा दिया जा सकता है। खासकर ऐसे समय में जब पश्चिमी देशों और मध्य पूर्व के बीच तनाव चरम पर है, BRICS एक संतुलित और निष्पक्ष मंच के रूप में उभर सकता है।
प्रधानमंत्री Narendra Modi ने भी शांति और स्थिरता को लेकर भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया है। भारत हमेशा से ही संवाद और कूटनीति के जरिए विवादों के समाधान का समर्थक रहा है। ऐसे में ईरान की यह अपील भारत की विदेश नीति के अनुरूप ही मानी जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि BRICS देश एकजुट होकर इस मुद्दे पर पहल करते हैं, तो इसका सकारात्मक असर वैश्विक राजनीति पर पड़ सकता है। इसमें रूस, चीन, भारत, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका जैसे देश शामिल हैं, जिनकी वैश्विक स्तर पर मजबूत पकड़ है।
इसके अलावा, इस पहल का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी पड़ सकता है। मध्य पूर्व में शांति बहाल होने से तेल आपूर्ति सामान्य हो सकती है, जिससे कीमतों में स्थिरता आएगी और कई देशों को राहत मिलेगी।
कुल मिलाकर, Masoud Pezeshkian की यह अपील दर्शाती है कि मौजूदा संकट को हल करने के लिए केवल सैन्य नहीं, बल्कि कूटनीतिक प्रयासों की भी जरूरत है। अब यह देखना अहम होगा कि BRICS इस दिशा में क्या कदम उठाता है और भारत इस पूरी प्रक्रिया में कैसी भूमिका निभाता है।



