उत्तर प्रदेश में 7 मार्च तक पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द, विशेष अनुमति से ही मिलेगा अवकाश

उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने बड़ा फैसला लेते हुए सात मार्च तक पुलिसकर्मियों की सभी छुट्टियां रद्द कर दी हैं। उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए पूरे प्रदेश में सतर्कता बरतना जरूरी है, इसलिए सभी अधिकारी और कर्मचारी अपने-अपने तैनाती स्थल पर मौजूद रहेंगे। यदि किसी को अत्यंत आवश्यक कारण से अवकाश लेना है, तो उसे उच्च अधिकारियों से विशेष स्वीकृति लेनी होगी।
सूत्रों के मुताबिक, आगामी त्योहारों, परीक्षाओं और संभावित भीड़-भाड़ वाले आयोजनों को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है। प्रदेश के संवेदनशील जिलों में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है और खुफिया तंत्र को भी सक्रिय कर दिया गया है। प्रशासन का मानना है कि ऐसी परिस्थितियों में पुलिस बल की पूरी उपलब्धता जरूरी होती है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
पुलिस विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह निर्णय अस्थायी है और सात मार्च के बाद हालात की समीक्षा कर आगे का फैसला लिया जाएगा। फिलहाल सभी जिलों के पुलिस कप्तानों को निर्देश दिए गए हैं कि वे बल की तैनाती और गश्त व्यवस्था को और मजबूत करें। खासतौर पर बाजार, धार्मिक स्थल और भीड़भाड़ वाले इलाकों में निगरानी बढ़ाई गई है।
हालांकि छुट्टियां रद्द होने से पुलिसकर्मियों पर अतिरिक्त दबाव जरूर बढ़ेगा, लेकिन विभाग का कहना है कि जन सुरक्षा सर्वोपरि है। विशेष परिस्थितियों—जैसे गंभीर बीमारी, पारिवारिक आपात स्थिति या अन्य अपरिहार्य कारण—में संबंधित अधिकारी की संस्तुति के बाद अवकाश दिया जा सकता है। प्रशासन का यह कदम स्पष्ट संकेत देता है कि प्रदेश में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी।



