यूपी में राजस्व मामलों के निस्तारण में लखनऊ अव्वल, जानें किन जिलों ने बनाई टॉप-3 में जगह

उत्तर प्रदेश में राजस्व मामलों के त्वरित और प्रभावी निस्तारण को लेकर प्रशासनिक स्तर पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में जारी ताजा समीक्षा रिपोर्ट में राजधानी लखनऊ ने राजस्व मामलों के निस्तारण में पहला स्थान हासिल किया है। लंबित प्रकरणों को समयबद्ध तरीके से सुलझाने, डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम के बेहतर उपयोग और अधिकारियों की सक्रियता के चलते लखनऊ प्रदेश में अव्वल रहा। राजस्व न्यायालयों में दाखिल वादों की सुनवाई में तेजी, भू-स्वामित्व विवादों के समाधान और नामांतरण जैसे मामलों में पारदर्शिता ने इसे शीर्ष पर पहुंचाया है। दूसरे स्थान पर प्रयागराज और तीसरे स्थान पर वाराणसी ने जगह बनाई है, जहां जिला प्रशासन ने विशेष अभियान चलाकर पुराने लंबित मामलों का निपटारा किया। अधिकारियों के अनुसार, ई-कोर्ट प्रणाली, ऑनलाइन फाइल ट्रैकिंग और नियमित समीक्षा बैठकों ने प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया है। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से भी जिलाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि आम नागरिकों से जुड़े राजस्व प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाए, ताकि जनता को अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें। लखनऊ में विशेष राजस्व समाधान शिविरों का आयोजन कर मौके पर ही कई मामलों का निपटारा किया गया, जिससे लोगों को राहत मिली। प्रयागराज और वाराणसी में भी तहसील स्तर पर मॉनिटरिंग बढ़ाई गई और समयसीमा तय कर अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित की गई। प्रदेश सरकार का मानना है कि राजस्व मामलों का शीघ्र निस्तारण कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ निवेश और विकास के लिए भी अनुकूल वातावरण तैयार करता है। आने वाले समय में अन्य जिलों को भी इसी मॉडल पर काम करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि पूरे प्रदेश में राजस्व प्रशासन और अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बन सके।



