
प्रधानमंत्री से जुड़े एक वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटाए जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। केंद्र सरकार ने इस मामले में मेटा के पब्लिक पॉलिसी ग्लोबल हेड को तलब कर जवाब मांगा है। सरकार ने कंपनी की ओर से दिए गए स्पष्टीकरण को संतोषजनक नहीं माना है।
मामले को लेकर सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की नीतियों और सामग्री हटाने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। अधिकारियों का कहना है कि सार्वजनिक महत्व से जुड़े कंटेंट पर निर्णय लेते समय पारदर्शिता और स्पष्ट प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए।
मेटा की ओर से इस मामले में अपनी नीतियों और तकनीकी प्रक्रिया के आधार पर सफाई दी गई, लेकिन सरकार ने इसे पर्याप्त नहीं माना। अब कंपनी के प्रतिनिधि से इस संबंध में विस्तृत जानकारी और स्पष्टीकरण मांगा गया है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कंटेंट मॉडरेशन को लेकर दुनियाभर में बहस होती रही है। सरकारें जहां नियमों के पालन और जिम्मेदारी पर जोर देती हैं, वहीं कंपनियां अपनी नीतियों और सामुदायिक मानकों के आधार पर फैसले लेने की बात करती हैं।
इस मामले में आगे की कार्रवाई और सरकार व मेटा के बीच होने वाली चर्चा पर नजर बनी हुई है।



